सेलाकुई-सिडकुल में धारा 163 लागू, श्रमिक असंतोष के बीच प्रशासन सख्त
कानून व्यवस्था बनाए रखने को बड़ा कदम, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक
देहरादून, 17 मई 2026:
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर सेलाकुई और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते श्रमिक असंतोष और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा तत्काल प्रभाव से जारी किया गया।
प्रशासन को मिली जानकारी के अनुसार सेलाकुई स्थित कई औद्योगिक इकाइयों—लाइटेनियम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, डिक्सन टेक्नोलॉजी और ग्लोबल मेडिकोस—में श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अभिसूचना इकाई को सक्रिय करते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है।
प्रतिबंध के मुख्य बिंदु:
धारा 163 के तहत कई सख्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं—
किसी भी व्यक्ति के हथियार, लाठी-डंडा या अन्य घातक वस्तु लेकर चलने पर रोक।
ईंट-पत्थर या हिंसा में उपयोगी वस्तुओं के संग्रह पर प्रतिबंध।
बिना अनुमति नारेबाजी, लाउडस्पीकर, सभा और जुलूस पर रोक।
पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध।
वाहनों के माध्यम से जुलूस निकालने पर रोक।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कड़ी कार्रवाई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने श्रमिक संगठनों, उद्योग प्रबंधन और आमजन से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह या भ्रामक





