राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर प्रशासन सक्रिय, 7 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
देहरादून, 17 मई 2026:
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अहम पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में इस विषय पर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई, जिसमें लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित चिन्हीकरण प्रकरणों और सूचियों की गंभीरता से समीक्षा कर 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर प्रकरण का निष्पक्ष एवं तथ्यपरक परीक्षण किया जाए।
प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय आंदोलनकारी समितियों के सदस्यों को भी चिन्हीकरण प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए। इससे वास्तविक आंदोलनकारियों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन ने पूर्व में शासन को पत्र भेजकर सुझाव दिया है कि जिन आंदोलनकारियों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनका चिन्हीकरण समिति सदस्यों द्वारा दिए गए शपथ-पत्र के आधार पर किया जाए। इस प्रस्ताव पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाना शेष है।
बैठक में जिलाधिकारी ने एक-एक आंदोलनकारी की बात ध्यानपूर्वक सुनी और उनकी शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया कि वे लंबित मामलों से जुड़े सभी अभिलेख 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि शासन ने वर्ष 2021 तक प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए 6 माह का समय विस्तार दिया है, जिसके अंतर्गत जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
बैठक में उपस्थित आंदोलनकारियों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि अब लंबे समय से लंबित मामलों का जल्द समाधान होगा और पात्र लोगों को न्याय मिल सकेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी सहित कई अधिकारी और राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।






