स्टेट ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
श्री परमहंस आश्रम गोपालखेड़ा में यथार्थ गीता पाठ व भंडारा

श्री परमहंस आश्रम गोपाल खेड़ा मोहनलाल गंज लखनऊ में विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी धर्म-शास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता अनंत विभूषित करुणानिधान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज की कृपा से यथार्थ गीता पाठ व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यहां हर माह के 12 तारीख को यथार्थ गीता पाठ व 13 तारीख को विशाल भंडारे का आयोजन भक्तमंडली के द्वारा किया जाता है। उसी के क्रम में आज यहां विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। जैसा कि यह आश्रम अभी भी निर्माणाधीन है निर्माण अभी चल रहा है । इस आश्रम की हर एक दीवाल हर एक ईंट , हर एक पिलर, हर एक पोल, हर एक सीढ़ी, सबसे ऊंचाई पर बना शिवलिंग , सबके सब ईश्वरीय प्रेरणा से गीतोक्त साधना पर आधारित भक्तों के लिए उपदेश परक हैं। प्रतीकात्मक धूना अद्भुत विहंगम व दिव्य है। यहां के भक्तों का समर्पण देखते ही बनता है। विश्व विदित है कि यथार्थ गीता को भगवान ने पूज्य श्री गुरुदेव भगवान के पीछे पड़कर लिखवाये है। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के वर्षों की कठोर तपस्या का परिणाम है यथार्थ गीता। ओम/ राम/ शिव का जप, सद्गुरु का ध्यान और जब सद्गुरु की कृपा से भगवान हृदय से रथी होकर योगक्षेम करने लगें, मार्गदर्शन करने लगें, उन्हीं मार्गदर्शन का अक्षरशः पालन करते हुए आत्मदर्शन ही मोक्ष है, मुक्ति है। संसार अज्ञान से आच्छादित है ज्ञान के दर्पण से संसार को प्रकाशित करने का एकमात्र प्रकाश पुंज यथार्थ गीता है। यथार्थ गीता की हर एक लाइन, हर एक शब्द, हर एक वाक्य, अक्षर सब के सब भगवान की प्रेरणा स्रोत उपदेश व आशीर्वाद है। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान के आशीर्वाद व कृपा से ही यहां यथार्थ गीता पाठ व विशाल भंडारे की अनुपम परंपरा का पालन हो रहा है।






