25 शैय्या वाला राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय कर्मचारियों के अभाव में बेहाल, दो साल से दवा आपूर्ति भी ठप
संवादाता राजैश तिवारी
अम्बेडकर नगर
अम्बेडकरनगर जनपद के आलापुर क्षेत्र में स्थित श्रीमती गायत्री देवी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 25 शैय्या वाले इस अस्पताल में कर्मचारियों की भारी कमी और दवाओं की आपूर्ति न होने के कारण मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप दूर-दराज से आने वाले मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल में फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है। ऐसी स्थिति में मरीजों को दवा देने का काम कभी डॉक्टर तो कभी वार्ड बॉय के भरोसे किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार अस्पताल में फार्मासिस्ट सहित अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति होना आवश्यक है, लेकिन यहां वर्षों से यह व्यवस्था पूरी नहीं हो पाई है। जबकि क्षेत्र के कई छोटे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी फार्मासिस्ट समेत आवश्यक स्टाफ उपलब्ध हैं।

अस्पताल परिसर में संचालित योग एवं वेलनेस सेंटर भी लंबे समय से पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा विभाग की ओर से यहां कर्मचारियों की नियुक्ति का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र पर कोई कर्मचारी नियमित रूप से दिखाई नहीं देता, जिससे योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा से मिलने वाली सुविधाओं से क्षेत्र के लोग वंचित हो रहे हैं।
सबसे गंभीर समस्या अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति को लेकर है। बताया जाता है कि पिछले लगभग दो वर्षों से अस्पताल में दवाओं की समुचित आपूर्ति नहीं हुई है। इसके चलते चिकित्सक मरीजों को उपचार तो बताते हैं, लेकिन दवा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है या फिर बिना दवा के ही लौटना पड़ता है।
गौरतलब है कि इस चिकित्सालय की स्थापना क्षेत्र के विकास पुरुष सालिक शुक्ला के प्रयासों से वर्ष 1995 में तत्कालीन नेता Motilal Vora द्वारा शिलान्यास कर की गई थी। उद्देश्य था कि क्षेत्र के ग्रामीणों को आयुर्वेदिक पद्धति से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। लेकिन समय बीतने के साथ अस्पताल में कर्मचारियों की पूर्ण नियुक्ति नहीं हो सकी और व्यवस्थाएं धीरे-धीरे कमजोर होती चली गईं।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ की तैनाती और दवाओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाए तो यह चिकित्सालय आलापुर क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और आयुष विभाग से मांग की है कि अस्पताल में फार्मासिस्ट सहित आवश्यक कर्मचारियों की शीघ्र नियुक्ति की जाए, बंद पड़े योग एवं वेलनेस सेंटर को पुनः संचालित किया जाए तथा दवाओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।






