आजमगढ़ ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
फक्कड़ बाबा के सौजन्य से गरीब बेटी की शादी वाले माड़ो में यथार्थ गीता पाठ
यथार्थ गीता के प्रति इतनी कौतूहल, इतनी श्रद्धा, इतना समर्पण इतनी भक्ति- भाव आज जनपद आजमगढ़ के अहरौला ब्लाक अंतर्गत नाऊ नगर गांव में पूज्य श्री गुरुदेव भगवान की प्रेरणा से व फक्कड़ महाराज जी के सौजन्य से भक्त स्वर्गीय फिरतू राजभर के परिवारों द्वारा यथार्थ गीता पाठ का आयोजन किया गया। एक गरीब घर की बेटी की शादी में बने माड़ो में यथार्थ गीता पाठ होते देख आध्यात्मिक प्रेम की पराकाष्ठा की अनुभूति होने लगी। श्री फक्कड़ महाराज जी के सौजन्य से आयोजित इस यथार्थ गीता पाठ में गरीब घर के पढ़े लिखे बच्चे ही यथार्थ गीता पाठ कर रहे थे। श्री फक्कड़ महाराज के साथ हमारी टीम रात्रि में वहां पहुची जहां भगवान श्रीकृष्ण और भक्त सुदामा वाला निश्छल प्रेम धोती फटी सी लटी दुपटी अरु पाय उपानह की नहिं सामा द्वार खड़े द्विज दुर्बल देख रह्ये चकि सो बसुधा अभिरामा देखत दीन दयाल को धाम बतावत आपनो नाम सुदामा देखने को मिला । ऐसा मंजर देखकर अक्सर पूज्य श्री गुरुदेव भगवान स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज का वाकया याद आ गया कि जब कभी पूज्य श्री रास्ते से होकर कहीं अपने आध्यात्मिक प्रचार प्रसार के मिशन पर जाते तो रास्ते में अपनी गाड़ी खड़ी करवा देते और पैदल खेतो में गरीब चरवाहों के पास चले जाएं और उनके द्वारा प्रेम पूरित हाथ की सूखी रोटियां खा लिया करें। चरवाहे भावविभोर होकर रोने लगे। पूज्य श्री उनके भाव और संकल्प को पकड़कर आशीर्वाद देकर चले जाएं। ठीक वही श्रद्धा भाव आज यहां देखने को मिला। माता शबरी भगवान राम , भक्तिन विदुरानी और भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम की पराकाष्ठा यहां देखने को मिला जिसको पाने के लिए संसार का ऐश्वर्य वैभव, यहां तक कि देवता भी तरसते हैं। आइये सुनते हैं इसी पावन भूमि पर पहुंचे पूज्य श्री गुरुदेव भगवान के कृपापात्र शिष्य श्री फक्कड़ महाराज जी के दो शब्द।







