अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
श्री परमहंस आश्रम मुस्तफाबाद में भंडारे का आयोजन सकुशल संपन्न
जनपद अम्बेडकर नगर के जलालपुर तहसील अंतर्गत श्री परमहंस आश्रम मुस्तफाबाद में भंडारे सत्संग प्रवचन एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम सकुशल संपन्न हो गया। इस अवसर पर राजेश महराज जी व मिस्त्री बाबा अमृत स्वरूप संकीर्तन के माध्यम से भक्तों को पूज्य गुरुदेव भगवान के संदेशों को श्रवण कराया। कालजयी धर्म ग्रंथ यथार्थ गीता के माध्यम से पूज्य गुरुदेव भगवान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने संसार को एक ईश्वर का संदेश दिया है और उस ईश्वर को पाने की एक ही विधि ओम् जप, जो चार श्रेणियों से जपा जाता है बैखरी, मध्यमा, पश्यन्ती, और परा। इस विधि का विस्तार से वर्णन पूज्य गुरुदेव भगवान ने यथार्थ गीता में बताया है। यथार्थ गीता में गुरुदेव भगवान ने कहा है कि आत्मा ही सनातन है शास्वत है अजर-अमर नित्य, निर्विकार अनादि व नूतन है और जो यथार्थ गीता में वर्णित ईश्वर प्राप्ति हेतु विधि विधान से सद्गुरु भगवान के कर कमलों पर चलकर भगवत्पथ में लगा है वास्तव में वही सनातनी है। गुरुदेव भगवान कहते हैं कि संसार करोड़ों देवताओं को छोड़ एक परमात्मा को भजे तभी संसार का कल्याण संभव है। उनका कहना है कि यथार्थ गीता का चार -छः बार आवृत्ति करने से संसार की धर्म संवंधित सारी भ्रान्तियों का समन हो जाता है। ज्ञातव्य हो कि पूज्य गुरुदेव भगवान संसार को यथार्थ गीता पढ़ने के लिए संदेश देते हैं और देश विदेश में मुफ्त यथार्थ गीता का वितरण कराते रहते हैं चाहे कुंभ हो या महाकुंभ हो या कोई और सामाजिक सांस्कृतिक या धार्मिक समारोह। अभी हाल ही में अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पूज्य गुरुदेव भगवान ने सवा लाख यथार्थ गीता को विश्व के विभिन्न भाषाओं में मुफ्त में वितरण करवाया है जिससे संसार भ्रान्तियों से मुक्त हो सके।






