National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

September 21, 2026 12:59 am

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एड्वोकेट डाक्टर लालबहादुर मौर्य के घर यथार्थ गीता पाठ आयोजन 

अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”

 

एड्वोकेट डाक्टर लालबहादुर मौर्य के घर यथार्थ गीता पाठ आयोजन 

गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यै शास्त्रसंग्रहै।

या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपपद्माद्विनि सृता।।

विश्व मनीषा की धरोहर यथार्थ गीता जो समय के महापुरुष तत्व द्रष्टा परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के श्रीमुख से नि:सृत वाणी है और यह श्रीमद्भागवत गीता का भाष्य है जिसको पढ़ने मात्र से धर्म समयक भ्रांतियों का शमन हो जाता है और गीतोक्त साधना की जागृति हो जाती है। पूज्य श्री स्वामी जी का वक्तव्य है कि यथार्थ गीता का घर घर में वाचन होना चाहिए पूरे विश्व मनीषा के हाथों में होना चाहिए। पुज्य गुरुदेव भगवान के इसी आदेशन निर्देशन के क्रम में आज से डाक्टर लालबहादुर मौर्य एड्वोकेट सुप्रीम कोर्ट के घर मालीपुर स्थित पटोहा गानेपुर में यथार्थ गीता पाठ का आयोजन हो रहा है जो 20 घंटे चलेगा। डाक्टर लालबहादुर मौर्य शक्तेषगढ़ आश्रम में पूज्य गुरुदेव भगवान का साक्षात दर्शन किए थे। दर्शन करने के बाद ही उन्होंने संकल्प लिया कि यथार्थ गीता पाठ का आयोजन घर पर करायेंगे जिसका अनुपालन आज पूज्य गुरुदेव की कृपा से हो रहा है। *क्या कहती है यथार्थ गीता?

एक परमात्मा के भजन को कहती है यथार्थ गीता —

सर्वधर्मानपरित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।

अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुच।। संपूर्ण धर्मों को त्याग कर ( *अर्थात मैं ब्राम्हण श्रेणी का साधक हूं या शूद्र श्रेणी का क्षत्रिय अथवा वैश्य श्रेणी का साधक इन मिथकों को त्यागकर*) केवल एक मेरी अनन्य शरण को प्राप्त हो।

यज्ञ की वास्तविक व्याख्या करती है यथार्थ गीत

धर्म के सियासी ठेकेदारों द्वारा परिभाषित यज्ञ की गलत परिभाषा को, स्पष्ट/ यथार्थ व्याख्या करती है यथार्थ गीता।

सर्वाणीन्द्रियकर्माणि प्राणकर्माणि चापरे।

*आत्मसंयमयोगाग्नौ जुह्यति ज्ञानदीपिते।।* साधक संपूर्ण इंद्रियों के व्यापार को, मन की चेष्टाओं को ज्ञान से प्रकाशित हुई आत्मा में संयम रूपी योगाग्नि में हवन करते हैं। ये है यज्ञ की वास्तविक परिभाषा न कि बाहरी किसी जीव की हत्या या बलि अथवा बध। पूज्य गुरुदेव भगवान कहते हैं कि भजन श्वास से होता है श्वास बाहर जाय तो ओम अंदर आवे तो ओम। सद्गुरु का ध्यान और ओम जप से अंतःकरण के विकारों का शमन हो जाता है मन संकल्प विकल्प से शून्य हो जाता है अंतःकरण में कोई हलन चलन नहीं होता योगी प्राणायाम परायण हो जाता है। यथार्थ गीता ने यज्ञ को विस्तार से परिभाषित किया है।

यथार्थ गीता के अनुसार मनुष्य की जातियां का वर्गीकरण दो है— एक असुर और दूसरा देवता ।

द्वौ भूतसर्गो लोकेअ्स्मिनदैव आसुर एव च।

दैवो विस्तरश: प्रोक्त आसुरं पार्थ मे श्र्णु।। अर्थात मनुष्य की केवल दो जातियां हैं जिसके हृदय में दैवीय शक्तियां काम करती हैं वह देवता है तथा जिसके हृदय में आसुरी संपदा कार्य करती है वह असुर है। जैसे कि इन्हीं शक्तियों की भिन्नता के कारण रावण असुर था और उसी का सगा भाई विभीषण देवता, मामा कंस असुर था और भांजा श्रीकृष्ण भगवान थे। आज के परिदृश्य में भी समाज में देखा जाय तो इसके तमाम उदाहरण हर व्यक्ति के सामने हैं। जो अपने प्रारब्ध और कर्मानुसार व्यक्ति विशेष का नामकरण समाज कर देता है। यथार्थ गीता कहती है कि *सभी प्रभु के पुत्र हैं*– धरा धाम पर बसे मानव सभी एक ईश्वर की संतान हैं। अनादि काल से देश काल परिस्थिति के अनुसार तत्समय के स्वार्थपरक बुद्धिजीवी वर्ग अपने तुच्छ वर्गीय को लाभ पहुंचाने के लिए मनुष्यों को उत्तम मध्यम निम्न, श्वेत अश्वेत आदि वर्गों में बांट दिया। जबकि यथार्थ गीता कहती है कि ममैवांशो जीवलोके जीवभूत: सनातन:।

मन: षष्टानीन्निद्रियाणि प्रकृतिस्थानि कर्षति।।

अर्थात जीवलोके अर्थात इस देह में (शरीर ही लोक है) यह जीवात्मा मेरा ही सनातन अंश है और वही इस त्रिगुणमयी माया में स्थित मन और पांचों इंद्रियों को आकर्षित करता है। इसी तरह यथार्थ गीता कर्म धर्म शास्त्र आदि का यथार्थ व्याख्या करती है। जो मानवता के लिए सुखमय समृद्धता समरसता सौहार्दता सहृदयता आदि मनुष्योपरक जैसे सिद्धांतों को व्यवहारपरक लाने में मदद कर रही है। आज के डिजिटल वर्ल्ड में यथार्थ गीता नेट पर उपलब्ध है सब पढ़ें सब बढ़े। अपने अंधकारमय जीवन को प्रकाशित करें। समय के महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज को फालो करें श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ पहुंच कर अपना और अपनों का कल्याण करें।

NM News live
Author: NM News live

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24 घंटे में घर चोरी का खुलासा, चार लाख के आभूषण व तीन स्मार्टफोन बरामद नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शत-प्रतिशत माल बरामद किया सहसपुर। कोतवाली सहसपुर पुलिस ने घर में हुई चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, महमूदनगर रामपुर निवासी आकाश कुमार ने 17 सितंबर को कोतवाली सहसपुर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात व्यक्ति ने रात के समय उसके घर से सोने-चांदी के आभूषण और स्मार्टफोन चोरी कर लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात और क्षेत्राधिकारी सहसपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संदिग्ध की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 18 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घटना में शामिल आशिक पुत्र सलीम, निवासी महमूद नगर शंकरपुर, थाना सहसपुर, उम्र 27 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। बरामद सामान: एक पीली धातु का मंगलसूत्र, एक जोड़ी पीली धातु के कानों के टॉप्स, चार जोड़ी सफेद धातु के बिछुए और तीन स्मार्टफोन। आरोपी का आपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2022 से 2026 तक चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जावेद हसन, कांस्टेबल नवबहार और कांस्टेबल अनुराग शामिल रहे।