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सम्पादक देवेन्द्र राय

September 21, 2026 2:08 am

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अज्ञान से आच्छादित संसार को दृष्टि प्रदाता यथार्थ गीता 

अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव’

अज्ञान से आच्छादित संसार को दृष्टि प्रदाता यथार्थ गीता

पुण्यतिथि पर यथार्थ गीता पाठ का आयोजन

सृष्टि के अनादि काल से लेकर आज तक महापुरुषों द्वारा कृत शास्त्रों में ईश्वरीय संदेश की जितनी स्पष्ट व्याख्या यथार्थ गीता में दी गई है उतनी स्पष्ट व्याख्या शायद ही किसी अन्य शास्त्रों में हुई हो। यथार्थ गीता खुद तो कालजयी है ही और जो इसे मनसा वाचा कर्मणा से अंगीकार कर इसके बताये मार्ग पर चलता है तो वह भी कालजयी हो जाता है। कारण कि यह साक्षात परमात्मा की दिव्य वाणी है और मोक्षदायिनी शास्त्र है इसे पढ़ लेने के बाद अन्य शास्त्रों के विषय में जानें की जरूरत नहीं है। भगवान वेदव्यास ने जिन्होंने श्रुतज्ञान की परम्परा को तोड़ते हुए चार वेद छः शास्त्र अट्ठारह पुराण की रचना की और उक्त ग्रंथों में पूर्व संचित भौतिक और आध्यात्मिक ज्ञानराशि को संकलित कर अंत में स्वयं भीष्म पर्व में निर्णय दिया कि —

 गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यै: शास्त्रविस्तरै:।

या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपद्मादि्नि:सुता।।

इसलिए महर्षि वेदव्यास जिन्होंने अपने योग बल से संजय को दृष्टि देकर अज्ञान से आच्छादित अंधे धृतराष्ट्र को धर्म -अधर्म के युद्ध को देखने का माध्यम बने। ठीक इसी प्रकार आज लगभग 52 सौ वर्षों बाद फिर वही स्थिति संसार में उत्पन्न हो गई है। भगवान वेदव्यास के काल महाभारत काल में एक कुरुक्षेत्र था लेकिन आज धर्म के नाम पर अज्ञान से आच्छादित पूरा संसार कुरुक्षेत्र बना हुआ है ऐसे में कण- कण में विद्यमान अंतर्यामी गुरुदेव भगवान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने ईश्वरीय आदेश से इस कुरुक्षेत्रीय संसार को मुक्त कर धर्मक्षेत्रीय संसार बनाने की दृष्टिगत दिव्य ईश्वरीय वाणी अमृतमय यथार्थ गीता की रचना की । इसी यथार्थ गीता की दिव्य दृष्टि से अज्ञान से आच्छादित पूरा संसार कुरुक्षेत्र से निकल कर धर्मक्षेत्र की ओर बढ़ेगा। धर्म-कर्म ,भक्ति ,यज्ञ ,गो कर्मकांड योगादि मामले में अज्ञानता वश संसार आज तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अनादि काल से अवतरित महापुरुषों के बताये मार्ग से भटक चुका है यथार्थ से कोसों दूर है। ऐसे में यथार्थ गीता ही एकमात्र ऐसा शास्वत धर्मशास्त्र है जो निर्विवाद है मज़हब मुक्त है मानवमात्र के लिए है जिसके बताये मार्ग पर चलने से संसार विधर्मियों से और धार्मिक भ्रांतियों से मुक्त हो जायेगा । इसलिए आज विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज महर्षि वेदव्यास के रोल में खड़े हैं और उनकी पवित्र कृत यथार्थ गीता संजय के रोल में है जो अज्ञान से आच्छादित धृतराष्ट्र रूपी संसार को धर्म –अधर्म , सत्य- असत्य, विद्या -अविद्या, माया और भगवान विषयक ज्ञान प्रदान कर रहा है। अनादि काल से महापुरुषों द्वारा आज तक जितने भी शास्त्र लिखे गए हैं उन शास्त्रों से इतर यथार्थ गीता एक यूनीक अप्रतिम धर्म शास्त्र है इसमें विधर्मियों द्वारा किए गये गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है, पोंगापंथियो के भ्रांतियों की भी कोई गुंजाइश नहीं है, धर्म के सियासी दुकानदारों की दुकानदारी भी नहीं चल पायेगी। यह संसार के लिए सर्वसुलभ शास्त्र है। यथार्थ गीता को गुरुदेव भगवान सभी भक्तों को कम से कम चार से छः बार आवृत्ति के लिए कहते हैं और यथार्थ गीता पाठ के लिए भक्तों को आदेशित करते हैं और मुफ्त में यथार्थ गीता बंटवाते हैं। उन्हीं के आदेशों के पालनार्थ अब हर भक्त यथार्थ गीता पाठ अपने घर पर करवाते हैं चाहे गृह प्रवेश हो, शादी विवाह हो, ब्रम्हभोज हो, पुण्यतिथि हो, अथवा तीज त्यौहार, जन्मदिन आदि हो, भक्तगण उनके आदेश के अनुपालन में शिरोधार्य कर यथार्थ गीता पाठ का आयोजन कराते हैं। इसी तरह आज अम्बेडकर नगर जिले में ही बंदीपुर ब्लाक अंतर्गत आशापार ग्राम सभा में रमेश सिंह के घर यथार्थ गीता पाठ उनकी मां के पुण्यतिथि के शुभ अवसर पर आयोजन किया गया। उनकी मां की स्मृति में यथार्थ गीता पाठ उनकी मां की दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे इस दृष्टिगत भगवान की इस ईश्वरीय वाणी को, विद्या को हजारों भक्तों ने अपने कर्णकुहरों से सुनकर कृतार्थ हुए। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन हुआ, श्री परमहंस आश्रम मुस्तफाबाद के पूज्य रावण महराज जी का भजन कीर्तन का कार्यक्रम भी सकुशल संपन्न हुआ ।

NM News live
Author: NM News live

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24 घंटे में घर चोरी का खुलासा, चार लाख के आभूषण व तीन स्मार्टफोन बरामद नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शत-प्रतिशत माल बरामद किया सहसपुर। कोतवाली सहसपुर पुलिस ने घर में हुई चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, महमूदनगर रामपुर निवासी आकाश कुमार ने 17 सितंबर को कोतवाली सहसपुर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात व्यक्ति ने रात के समय उसके घर से सोने-चांदी के आभूषण और स्मार्टफोन चोरी कर लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात और क्षेत्राधिकारी सहसपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संदिग्ध की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 18 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घटना में शामिल आशिक पुत्र सलीम, निवासी महमूद नगर शंकरपुर, थाना सहसपुर, उम्र 27 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। बरामद सामान: एक पीली धातु का मंगलसूत्र, एक जोड़ी पीली धातु के कानों के टॉप्स, चार जोड़ी सफेद धातु के बिछुए और तीन स्मार्टफोन। आरोपी का आपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2022 से 2026 तक चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जावेद हसन, कांस्टेबल नवबहार और कांस्टेबल अनुराग शामिल रहे।