National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

September 21, 2026 1:42 am

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निषाद आरक्षण: 2014 से निषाद वफा के बदले भाजपा भी पूर्व पार्टियों की तरह बेवफा

वरिष्ठ पत्रकार एवं चिंतक बांकेलाल निषाद “प्रणव”

 

निषाद आरक्षण: 2014 से निषाद वफा के बदले भाजपा भी पूर्व पार्टियों की तरह बेवफा

 

2914 से लेकर अब तक केंद्र और राज्य में भाजपा के साथ कंधों से कंधा मिलाकर हम सफर बने निषाद समाज को अभी तक आरक्षण नहीं मिला। 2014, 2017, 2019, 2022, 2024, लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा अथवा अन्य उपचुनाव हर एक चुनाव में निषाद वोट बैंक भाजपा का बेस वोट रहा है और अब एक बार फिर 2027 में उत्तर प्रदेश का विधान सभा चुनाव सर पर है जहां से दिल्ली की कुर्सी तय होती है। पूर्ववर्ती सरकारें चाहे सपा बसपा कांग्रेस जो भी रही हों उनके पास केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल न बैठ पाने का एक बहाना था लेकिन भाजपा के पास कोई बहाना नहीं है। 2014 से ही भाजपा केंद्र में आरूढ़ है । 72 घंटे के अंदर भाजपा ने 10 प्रतिशत आरक्षण सामान्य वर्ग (ई डब्ल्यू एस) को आरएसएस प्रायोजित फारवर्ड लाभांश के तहत दे दिया है। जिसके लिए कभी न मांग उठी और न ही निषाद समाज कितना बड़ा कभी आंदोलन खड़ा हुआ । फिर भी उन्हें बड़ी आसानी से 72 घंटे के अंदर सामान्य वर्ग को १० प्रतिशत का आरक्षण दे दिया गया। जबकि भाजपा 2014 से ही निषादों को आरक्षण देने की गारंटी के तहत निषादों का वोट और सपोर्ट दोनों लेती रही। लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की तरह भाजपा भी निषादों के साथ वफाई के बदले बेवफाई कर रही है। जबकि निषादों की संख्या लगभग 16 प्रतिशत है लेकिन अभी भी निषादों को उसके वोट, सपोर्ट व वफाई का पारिश्रमिक नहीं मिला। यहां तक कि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ जो कभी सांसद रहा करते थे तब निषाद आरक्षण की बात करते थे लेकिन जब से वे मुख्यमंत्री हुए हैं कभी भी आरक्षण की बात नहीं किये। यहां तक कि महज 2 प्रतिशत आबादी वाले मौर्य समाज को उन्होंने डिप्टी सीएम बना दिया है लेकिन 18 प्रतिशत आबादी वाले और उत्तर प्रदेश की तीसरी बड़ी पार्टी निषाद पार्टी के मुखिया डाक्टर संजय निषाद को महज कैबिनेट मंत्री बनाकर रखा है और विभाग मिला है केवल मत्स्य। डॉक्टर संजय निषाद एक भाजपा के वफादार सिपाही के रुप में विनम्र भाव में आरक्षण की उम्मीद में हैं कभी कभार उनका दर्द छलक जाता है तो उनके आंसू निकल आते हैं। उनका बार-बार आग्रह भाजपा से रहा है कि हमारे साथ भाजपा पूर्ववर्ती सरकारों की तरह व्यवहार न करें। हम त्रेता से साथ रहे हैं। हमारे समाज के ब्लड में गद्दारी नहीं है हम जितनी वफादारी और इमानदारी से भाजपा के साथ हैं उतनी ही हम भाजपा से अपेक्षा रखते हैं। हमें Inclusion (शामिल) नहीं Explanation (परिभाषित) के आधार पर आरक्षण चाहिए और 2017 के चुनाव के पहले चाहिए जिससे हम समाज को जवाब दे सकें। उनका तर्क है कि हमारे ही समाज के तुरैया मंझवार अनुसूचित जाति में है उन्हीं को परिभाषित करके हमारे समाज को आरक्षण दिया जाए। अन्यथा की स्थिति में निषाद यदि धैर्य खोया तो 2027 का चुनाव तो जाएगा ही 2029 के लोकसभा चुनाव को भी ले डूबेगा। ज्ञातव्य हो कि संविधान के सूची के क्रमांक 53 पर मझवार, क्रमांक 18 पर बेलदार, क्रमांक 46 पर खरवार, क्रमांक 48 पर खरोट, क्रमांक 66 पर तुरैहा , एवं भारत सरकार जनगणना 1961 के अपेंडिक्स (एफ) सेंसस मैनुअल पार्ट ( १) फार उत्तर प्रदेश की सूची में क्रमांक 51 पर अंकित मंझवार क्रम १८ पर बेलदार, क्रम 46 पर खरवार, क्रम ४८ पर खरोट क्रम ६६ पर तुरैहा के पर्यायवाची जाति केवट, मल्लाह, मांझी मुजाविर, राजगोंड, गोंड मझवार कश्यप, कहार धीवर धीमर गोडिया आदि समाज की मूल जाति मझवार के नाम से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी होना चाहिए जो नहीं हो रहा है। जो असंवैधानिक एवं भारत सरकार के आदेश निर्देश का खुला उल्लंघन है व गैर-कानूनी भी है। इसी संवैधानिक अधिकार के तहत निषाद समाज आरक्षण की मांग कर रहा है जो विधिक है लेकिन इसके बावजूद भी निषाद समाज को आरक्षण के नाम पर अब-तक लालीपाप दिया गया है। मझवार तुरैहा इत्यादि मूल जाति को परिभाषित कर डाक्टर संजय निषाद आरक्षण की मांग कर रहे हैं। आरक्षण मिलने से देश की 18 प्रतिशत आबादी देश की मुख्य धारा में शामिल हो जाएगी और भारत के राजनैतिक शैक्षिक आर्थिक सामाजिक सामरिक उन्नयन में निषादों का योगदान होगा जो संवैधानिक न्यायोचित और विधिक होगा।

NM News live
Author: NM News live

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24 घंटे में घर चोरी का खुलासा, चार लाख के आभूषण व तीन स्मार्टफोन बरामद नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शत-प्रतिशत माल बरामद किया सहसपुर। कोतवाली सहसपुर पुलिस ने घर में हुई चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, महमूदनगर रामपुर निवासी आकाश कुमार ने 17 सितंबर को कोतवाली सहसपुर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात व्यक्ति ने रात के समय उसके घर से सोने-चांदी के आभूषण और स्मार्टफोन चोरी कर लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात और क्षेत्राधिकारी सहसपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संदिग्ध की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 18 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घटना में शामिल आशिक पुत्र सलीम, निवासी महमूद नगर शंकरपुर, थाना सहसपुर, उम्र 27 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। बरामद सामान: एक पीली धातु का मंगलसूत्र, एक जोड़ी पीली धातु के कानों के टॉप्स, चार जोड़ी सफेद धातु के बिछुए और तीन स्मार्टफोन। आरोपी का आपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2022 से 2026 तक चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जावेद हसन, कांस्टेबल नवबहार और कांस्टेबल अनुराग शामिल रहे।