National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

September 20, 2026 8:26 pm

National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

Follow Us

September 20, 2026 8:26 pm

डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया महात्मा हंसराज जयंती

डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया महात्मा हंसराज जयंती

 

वैदिक हवन यज्ञ का भव्य आयोजन हुआ

दाढ़ी:- नगर पंचायत दाढ़ी समीप के एक मात्र सी बी एस ई, डी ए वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में महात्मा हंसराज जयंती के उपलक्ष्य पर विद्यालय के 700 से ऊपर विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर विभिन्न आयोजन एक्टिविटी में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाए, इस उपलक्ष्य में वैदिक हवन यज्ञ कराया गया जिसमें शिक्षक-शिक्षकाओ के साथ छात्र- छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

प्रचार्य, शिक्षक-शिक्षकों सहित विद्यार्थियों द्वारा महात्मा हंस राज की के छाया चित्र पर श्रद्धा के पुष्प सुमन अर्पित किए, प्रचार्य पी एल जायसवाल ने छात्र-छात्राओं विद्यालय परिवार को जानकारी साझा किया की महात्मा हंसराज का जन्म 19 अप्रैल 1864 को होशियारपुर (पंजाब) के समीप बजवाड़ा ग्राम में हुआ एवं स्वर्गारोहण 14 नवंबर, 1938 को लाहौर में हुआ। महात्मा हंसराज का कार्य समाज के लिए अद्वितीय रहा और उन्होंने अल्पायु में ही आर्य समाज तथा राष्ट्र के विशाल क्षेत्र में कार्य करना प्रारंभ कर दिया था। इस तरह माता गणेश देवी की पवित्र कोख से जन्मे बालक हंसराज के पिता लाला चुन्नीलाल जी स्वभाव से सत्संग प्रेमी और स्वतंत्र विचारों के थे यह संस्कार बच्चे पर भी पडे परिवार साधारण था 12 वर्ष की आयु में पिता का देहांत हो गया तो भी संस्कार बालक महात्मा हंस राज में प्रभु भक्ति, कठोर परिश्रम,सादगी तथा तपस्या के बीज पनपते रहे। उन्होंने अपनी शिक्षा अपने बड़े भाई श्री मुल्खराज के पास रहते हुए लाहौर में पूरी की अपनी श्रेणियों में भी सदा प्रथम रहते थे। बीए की परीक्षा उन्होंने सन 1885 में संस्कृत और इतिहास विषय लेकर पास की वे प्रांत भर में प्रथम स्थान पर रहे। बालक और युवा हंसराज का यह निर्माण काल था। पिता के होते हुए भी बचपन निर्धनता से गुजर रहा था शिक्षा का

आरंभ जिस प्राइमरी स्कूल से हुआ वह भी दूर था। इस तरह पढ़ाई बहुत तपस्या के साथ चल रही थी। इस अवस्था में भी बालक हंसराज गांव वालों के पत्रों को लिखकर तथा आने वाले पत्रों को पढ़कर सुनाते हुए लोक सेवा करता रहा। बड़ी कक्षाओं में पहुंचकर भी उसकी सेवा भावना यथावत बनी रही। इस बीच सन 1877, अप्रैल में जब महर्षि दयानंद लाहौर आए तो उनके दर्शन से हंसराज अत्यंत प्रभावित हुए और पंडित गुरुदत्त, लाला लाजपत राय,राजा नरेंद्र नाथ और द्वारकादास आदि इनके सहपाठी थे। यह सभी आगे चलकर पंजाब के प्रमुख हस्ती बने। महात्मा हंस राज पंजाब के प्रसिद्ध आर्य समाज नेता समाज सुधारक और शिक्षा भी थे उनके महत्वपूर्ण योगदान और प्रयासों के फल स्वरुप ही देश भर में डीएवी के नाम से आज लगभग 900 से अधिक विद्यालय व महाविद्यालय गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा प्रदान कर देश व राष्ट्र के नाम रोशन कर रहे हैं महात्मा हंसराज, स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों से बहुत अधिक प्रभावित थे, महात्मा हंसराज अपनी समाज सेवा कर्तव्य निष्ठा की भावना और शिक्षा की क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान देने वाले ऐसे महापुरुष हैं जिसके वजह से आज डी ए वी संस्थान पूरे एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी शिक्षण संस्थान बन गया है।
विद्यालय से शिक्षक ललित देवांगन,अखिलेश पटेल,राहुल पटेल, निशु गुप्ता,अनिल चन्द्रवंशी, ज्ञानेश्वर साहू, मनीषा सोनी, दीपिका वर्मा, आयुषी जैन, कैलाश सिंह, गोविंद प्रसाद साहू,राजा तंतुवाय, रेणुका पटेल, छोटु साहू, सुमित्रा पटेल, रितिका साहु,अमित पटेल, सविता साहु, सुखदेव साहू, विजय चंद्राकर,गीता साहू, युवराज, नरेश साहू आदि उपस्थित रहें।

NM News live
Author: NM News live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

24 घंटे में घर चोरी का खुलासा, चार लाख के आभूषण व तीन स्मार्टफोन बरामद नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शत-प्रतिशत माल बरामद किया सहसपुर। कोतवाली सहसपुर पुलिस ने घर में हुई चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, महमूदनगर रामपुर निवासी आकाश कुमार ने 17 सितंबर को कोतवाली सहसपुर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात व्यक्ति ने रात के समय उसके घर से सोने-चांदी के आभूषण और स्मार्टफोन चोरी कर लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात और क्षेत्राधिकारी सहसपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संदिग्ध की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 18 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घटना में शामिल आशिक पुत्र सलीम, निवासी महमूद नगर शंकरपुर, थाना सहसपुर, उम्र 27 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। बरामद सामान: एक पीली धातु का मंगलसूत्र, एक जोड़ी पीली धातु के कानों के टॉप्स, चार जोड़ी सफेद धातु के बिछुए और तीन स्मार्टफोन। आरोपी का आपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2022 से 2026 तक चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जावेद हसन, कांस्टेबल नवबहार और कांस्टेबल अनुराग शामिल रहे।