पहचान बदली, भरोसा तोड़ा… नाबालिग को फंसाकर होटल ले गया आरोपी—दून पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’!”
इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर देहरादून के विकासनगर से सामने आ रही है, जहां ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसने अपनी पहचान बदलकर एक नाबालिग को जाल में फंसाया।
देहरादून पुलिस की सतर्कता और तेजी से की गई कार्रवाई ने एक गंभीर अपराध का खुलासा किया है।
आरोप है कि 25 वर्षीय युवक मोहम्मद अमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए एक 16 वर्षीय नाबालिग से दोस्ती की…
और फिर उसे नई-नई जगह घुमाने का लालच देकर अपने साथ ले गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…
आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाया—वो भी दूसरे समुदाय के नाम से!
इतना ही नहीं, होटल में ठहरने के दौरान उसने नाबालिग की जगह एक अन्य बालिग युवती का आधार कार्ड इस्तेमाल किया, ताकि किसी को शक न हो।
पीड़िता की मां की शिकायत के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित की गई और महज कुछ ही घंटों में—
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया
नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया
आरोपी के पास से दो आधार कार्ड—एक असली और एक फर्जी—बरामद हुए
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है—
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कितनी खतरनाक हो सकती है, यह घटना उसी का उदाहरण है।
दून पुलिस की इस तत्परता ने एक बड़ी अनहोनी को रोका है…
लेकिन सवाल अब भी कायम है—
क्या हमारे बच्चे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित हैं?






