ढकरानी में यमुना स्टोन क्रशर मानकों के विपरीत हो रहा है संचालित
संवाददाता गजमफर अली
विकास नगर तहसील क्षेत्र के ढकरानी गांव में यमुना स्टोन क्रशर सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है ,ढकरानी गांव में बड़े पैमाने पर खनन संबंधी कार्यों को किया जाता है ,इस क्षेत्र के कई हिस्सों में सरकार के द्वारा स्टोन क्रेशर प्लांट लगाने की अनुमति दी गई है, क्रेशर प्लांट को संचालित करने के लिए राज्य खनिज विभाग के द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन करना क्रशर
संचालकों के नियम शर्तों में शामिल होता है, परंतु ढगरानी में यमुना स्टोन क्रशर प्लांट नियमों को ताक पर रखकर क्रेशर प्लांट का संचालन किया जा रहा है ,खनिज विभाग के आदेश को नजर अंदाज कर स्टोन क्रशर संचालकों ने पानी का छिड़काव, तार फेंसिंग सहित इस प्रकार के कई महत्वपूर्ण गाइडलाइन का पालन भी नहीं किया है ,सबसे बड़ा सवाल तो यह खड़ा होता है कि इन स्टोंन क्रेशर प्लांट को संचालित करने वालों से ज्यादा जिला खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की ही जिम्मेदारी बनती है, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है, स्टोन क्रशर संचालक धूल कणों को रोकने के लिए पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानो की हजारों बीघा फसल बर्बादी के कगार पर जा रही है, प्लांट परिसर के अंदर 7 से 10 मीटर चौड़ी तीन कतार में चारों तरफ धूल कण रोकने वाली पेड़ों की हरित पट्टी का विकास होना चाहिए लेकिन उक्त क्रेशर में एक भी पेड़ नहीं लगाए गए हैं, और जितना भी स्टोन क्रशर के अंदर उप खनिज का भंडारण किया हुआ है वह निकट यमुना नदी से रात के अंधेरे में चोरी से उठाया गया है ।क्रेशर प्लांट के अंदर मनको से अधिक अप खनिज का भंडारण किया हुआ है, जबकि स्टोन क्रेशिंर इकाई के नियम के अनुसार उपकरण से 3 मीटर तथा 10 मीटर के बीच में मापा जाने का प्रावधान है एवं 600 घन मीटर से अधिक उप खनिज प्लांट के अंदर नहीं होना चाहिए।
Author: NM News live
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