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सम्पादक देवेन्द्र राय

August 6, 2026 6:17 pm

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद का लाल लद्दाख सीमा पर शहीद हो गया है।

 

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद का लाल लद्दाख सीमा पर शहीद हो गया है

राजेंद्र सिंह चौहान
उत्तरकाशी उत्तराखंड

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद का लाल लद्दाख सीमा पर शहीद हो गया है।सेना के जवान की शहादत की सूचना मिलते ही घर मे कोहराम मच गया है,तथा गांव व क्षेत्र में शोक की लहर ब्याप्त है। भारतीय सेना में लेह-लद्दाख बॉर्डर पर तैनात उत्तरकाशी जिले के तहसील बड़कोट सरनौल गांव का लाल श्रवण चौहान की अचानक तबियत से दर्दनाक मौत हो गई है जिससे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
बता दें कि श्रवण कुमार चौहान पुत्र शूरवीर सिंह चौहान भारतीय सेना की 14वीं बटालियन में लेह -लद्दाख बोर्डर में तैनात थे। गुरुवार को अचानक स्वास्थ्य खराब होने से सेना ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया है।
उनके शहीद होने की खबर से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह चंडीगढ़ पहुंचा है। चंडीगढ से भारतीय सेना के एंबुलेंस से सड़क मार्ग होते उनके पैतृक गांव सरनौल पार्थिव शरीर लाया जा रहा है। श्रवण के दो भाई अन्य भी भारतीय सेना में तैनात है।उनके माता पिता गांव में खेतिबाड़ी का कार्य करते है।शहीद श्रवण 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 27 वर्षीय श्रवण के शहीद होने की सूचना पर गांव व क्षेत्र में मातम छाया हुआ है।श्रवण अविवाहित था।

सेना के जवान की शहादत की सूचना मिलते ही घर मे कोहराम मच गया है,तथा गांव व क्षेत्र में शोक की लहर ब्याप्त है। भारतीय सेना में लेह-लद्दाख बॉर्डर पर तैनात उत्तरकाशी जिले के तहसील बड़कोट सरनौल गांव का लाल श्रवण चौहान की अचानक तबियत से दर्दनाक मौत हो गई है जिससे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

बता दें कि श्रवण कुमार चौहान पुत्र शूरवीर सिंह चौहान भारतीय सेना की 14वीं बटालियन में लेह -लद्दाख बोर्डर में तैनात थे। गुरुवार को अचानक स्वास्थ्य खराब होने से सेना ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया है।

उनके शहीद होने की खबर से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह चंडीगढ़ पहुंचा है। चंडीगढ से भारतीय सेना के एंबुलेंस से सड़क मार्ग होते उनके पैतृक गांव सरनौल पार्थिव शरीर लाया जा रहा है। श्रवण के दो भाई अन्य भी भारतीय सेना में तैनात है।उनके माता पिता गांव में खेतिबाड़ी का कार्य करते है।शहीद श्रवण 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 27 वर्षीय श्रवण के शहीद होने की सूचना पर गांव व क्षेत्र में मातम छाया हुआ है।श्रवण अविवाहित था।

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Author: NM News live

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