National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

September 20, 2026 7:29 pm

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अस्पतालों के बेतहाशा शुल्क और गैर-जरूरी चिकित्सा जांच में मरीज कंगाल

अस्पतालों के बेतहाशा शुल्क और गैर-जरूरी चिकित्सा जांच में मरीज कंगाल. !!

आदमी की पहुंच से दूर हो रही हैं,तो दूसरी तरफ दवाइयों पर लगातार कर बढ़ाया जा रहा है!सरकार की लोकलुभावन योजनाओं के बावजूद महंगी दवाइयां खरीदना रोगी के लिए मजबूरी है!आखिर उसके सामने कोई विकल्प भी तो नहीं या तो वह जमीन-जेवर बेच कर अपनी जान बचाए या फिर घर पर लाइलाज मर जाए! यह भयावह स्थिति है! दो राय नहीं कि सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए कुछ कदम जरूर उठाए गए। सच्चाई यह है कि बीमारियों के उपचार के दौरान अस्पतालों के बेतहाशा शुल्क और गैर-जरूरी चिकित्सा जांच में मरीज कंगाल होने लगता है। कई बार तो वह अपना इलाज कराने में असमर्थ हो जाता है। सरकार के दावे और हकीकत में कितना अंतर है, यह अस्पतालों में साफ दिखता है। इलाज पर खर्च दोगुना से अधिक हो गया है।

हर तरफ गरीब आदमी को बहूत कुछ झेलना पढ़ रहा है और चिकित्सा सेवाएं आम

इसकी बड़ी वजह दवाओं पर जीएसटी लगाया जाना भी है। जीवनरक्षक दवाओं को छोड़ दें,तो कई अधिकतम जीएसटी के दायरे में हैं!मनोरोग से संबंधित दवाइयों पर भी बारह फीसद जीएसटी लगाई गई है।कई गंभीर रोगों की दवाइयां पहले से ही महंगी हैं। ऐसे में मानसिक चिकित्सा से संबंधित दवाओं पर बारह फीसद जीएसटी उन मरीजों से अन्याय है,जो जीवन की जद्दोजहद में घिर कर किसी कारण मनोरोग के शिकार हो गए हैं! आर्थिक दबाव से पहले ही बेहाल ऐसे मरीज अगर बीच में ही अपना इलाज छोड़ रहे हैं,तो यह निस्संदेह चिंता का विषय है।यह सवाल वाजिब है कि क्या मनोरोग या किसी भी बीमारी का उपचार मनुष्य के लिए विलासिता है? क्या किसी को स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार नहीं है? अगर दवाइयां महंगी होंगी,तो कोई भी पहले दाल-रोटी की चिंता करेगा या अपने लिए दवाइयां खरीदेगा? जबकि दोनों ही बुनियादी जरूरतें हैं।

हर तरफ गरीब आदमी को बहूत कुछ झेलना..!!

मनोरोग के उपचार की दवाइयां भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण हैं, जितनी जीवनरक्षक दवाएं। मानवीय रूप से देखें तो सभी दवाइयां करमुक्त होनी चाहिए। क्योंकि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए यह आवश्यक है।
NM News live
Author: NM News live

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24 घंटे में घर चोरी का खुलासा, चार लाख के आभूषण व तीन स्मार्टफोन बरामद नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शत-प्रतिशत माल बरामद किया सहसपुर। कोतवाली सहसपुर पुलिस ने घर में हुई चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, महमूदनगर रामपुर निवासी आकाश कुमार ने 17 सितंबर को कोतवाली सहसपुर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात व्यक्ति ने रात के समय उसके घर से सोने-चांदी के आभूषण और स्मार्टफोन चोरी कर लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात और क्षेत्राधिकारी सहसपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संदिग्ध की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 18 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घटना में शामिल आशिक पुत्र सलीम, निवासी महमूद नगर शंकरपुर, थाना सहसपुर, उम्र 27 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। बरामद सामान: एक पीली धातु का मंगलसूत्र, एक जोड़ी पीली धातु के कानों के टॉप्स, चार जोड़ी सफेद धातु के बिछुए और तीन स्मार्टफोन। आरोपी का आपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2022 से 2026 तक चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जावेद हसन, कांस्टेबल नवबहार और कांस्टेबल अनुराग शामिल रहे।