National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

September 20, 2026 7:10 pm

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ब्रम्हभोज के पूर्व दिवंगत आत्मा की शांन्ति हेतु यथार्थ गीता पाठ 

आजमगढ़ ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”

 

ब्रम्हभोज के पूर्व दिवंगत आत्मा की शांन्ति हेतु यथार्थ गीता पाठ 

70 वर्ष की उम्र में फणीशदत्त उपाध्याय का हुआ था निधन

विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज द्वारा रचित यथार्थ गीता पाठ का आयोजन ब्रह्मभोज के पूर्व यथार्थ गीता पाठ का आयोजन किया गया। जनपद आजमगढ़ के बूढ़नपुर तहसील अंतर्गत शकरकोला शंकरपुर निवासी राममनोहर उपाध्याय के पिता स्वर्गीय फणीशदत्त के दिवंगत आत्मा की शांन्ति हेतु यथार्थ गीता पाठ का आयोजन किया जा रहा है। स्वर्गीय फणीशदत्त जी विगत कई वर्षों से परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के अनुयाई थे, नियमित यथार्थ गीता पाठ करते थे और गीतोक्त साधना के आचरण में चल रहे थे। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज कहते हैं कि मृत्यु वह सराहनीय है जिसके पीछे जन्म न हो और जन्म वह सराहनीय है जिसके पीछे मृत्यु न हो। जन्म और मृत्यु के बीच संस्कार ही जन्म के कारण होते हैं। यही संस्कार पितर कहलाते हैं पूज्य गुरुदेव भगवान के शरण सानिध्य में रहकर भजन चिंतन के द्वारा जन्म जन्मांतर के संस्कारों का शमन होता है अर्थात पितर शांत होते हैं, संस्कार कटते हैं। संस्कारों का शमन होना ही पितरों का उद्धार है जो पूज्य गुरुदेव भगवान की कृपा से ही संभव है अन्य कोई मार्ग नहीं है। लोग पितरों के शांति हेतु जो पानी देते हैं यह केवल रूढ़िवादिता है न कि यथार्थ। ऐसे तमाम रूढ़िवादिता का शिकार आज विश्व गौरव गुरु भारत है । परम सौभाग्य की बात है कि आज विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी की कृपा से न केवल भारत को बल्कि संसार को यथार्थ गीता मिल गया है। जिसको पढ़ने के बाद न केवल भारत की रूढ़िवादिता जड़ से खत्म होगी बल्कि विश्व की रूढ़िवादिता भी खत्म होगी। आज भारत को शस्त्र के साथ साथ शास्त्र की भी जरूरत है और वह शास्त्र है यथार्थ गीता जो पूज्य गुरुदेव भगवान , भगवान के आदेश से लिपिबद्ध किये हैं और जिसकी प्रशंसा करते हुए चार वेद छः शास्त्र अट्ठारह पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास ने खुद निर्णय दिया है कि

गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यै शास्त्रसंग्रहै।

 या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपपद्माद्विनि सृता।।

इसलिए नि:शंकोच यथार्थ गीता घर- घर में रहनी चाहिए हाथ -हाथ में रहनी चाहिए तनिक भी संदेह है तो श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ में जाकर पूज्य गुरुदेव भगवान के दर्शन मात्र से संसार के सारे संदेह मिट जायेंगे। यथार्थ गीता पूज्य गुरुदेव भगवान के आदेश से भगवान रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सवा लाख मुफ्त बांटी गई थी और श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ व पूज्य गुरुदेव भगवान द्वारा स्थापित देश विदेश के अन्य आश्रम पर भी यथार्थ गीता उपलब्ध है। पूज्य गुरुदेव भगवान की विद्या ध्यान ज्ञान रहनी गीतोक्त साधना आदि को जानने के लिए संसार को श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ पहुंचना चाहिए। ओम् जप, सद्गुरु का ध्यान, एक ईश्वर की आराधना, धर्म-कर्म, वास्तविक ज्ञान, अन्तर्जगत की साधना को कैसे साधें ? ये सब जानने मानने के लिए गीतोक्त साधना का आचरण और पूज्य गुरुदेव भगवान का शरण सानिध्य अनिवार्य है । ईश्वर को पाने के लिए सभी क्वालिफाई हैं, सब एक ही ईश्वर की संतान हैं, भगवान श्री कृष्ण गीता में पुष्टि करते हुए कहते हैं– ममैवांशो जीवलोके जीवभूत सनातन।

मन: षष्टानीन्निद्रियाणि प्रकृतिस्थानि कर्षति।।

पूज्य गुरुदेव भगवान कहते हैं कि संसार को मेरी शरण सानिध्य में रहकर, मेरे द्वारा बताए मार्ग पर चलकर, जन्म जन्मांतर से चला परमात्म पथिक एक न एक दिन आत्मबोध का अधिकारी बन जाता है।

मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।

मामैवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायण:।।

NM News live
Author: NM News live

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24 घंटे में घर चोरी का खुलासा, चार लाख के आभूषण व तीन स्मार्टफोन बरामद नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शत-प्रतिशत माल बरामद किया सहसपुर। कोतवाली सहसपुर पुलिस ने घर में हुई चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, महमूदनगर रामपुर निवासी आकाश कुमार ने 17 सितंबर को कोतवाली सहसपुर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात व्यक्ति ने रात के समय उसके घर से सोने-चांदी के आभूषण और स्मार्टफोन चोरी कर लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात और क्षेत्राधिकारी सहसपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संदिग्ध की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 18 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घटना में शामिल आशिक पुत्र सलीम, निवासी महमूद नगर शंकरपुर, थाना सहसपुर, उम्र 27 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण और तीन स्मार्टफोन बरामद किए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। बरामद सामान: एक पीली धातु का मंगलसूत्र, एक जोड़ी पीली धातु के कानों के टॉप्स, चार जोड़ी सफेद धातु के बिछुए और तीन स्मार्टफोन। आरोपी का आपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2022 से 2026 तक चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जावेद हसन, कांस्टेबल नवबहार और कांस्टेबल अनुराग शामिल रहे।