विकासनगर में जीवंत हुई जौनसार-बावर की स्याणा परंपरा, कुंवर सिंह चौहान को सौंपी जिम्मेदारी
- यमुना विहार के करीब 200 परिवारों ने सर्वसम्मति से चुना स्याणा, सामूहिक भोज में उमड़ी एक हजार से अधिक लोगों की भीड़
विकासनगर। जौनसार-बावर की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने की दिशा में विकासनगर के यमुना विहार मोहल्ले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुल नंबर-1 स्थित यमुना विहार में रहने वाले लगभग 200 परिवारों ने सामूहिक बैठक कर ग्राम मिंगाड़ म्यूंडा निवासी कुंवर सिंह चौहान को अपना स्याणा नियुक्त किया। इस निर्णय के माध्यम से क्षेत्र में रहने वाले जौनसारी परिवारों ने अपनी पारंपरिक व्यवस्था को शहर में भी आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

जौनसार-बावर की सामाजिक परंपरा में स्याणा को आपसी समन्वय, सामाजिक एकता और स्थानीय स्तर पर विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला व्यक्ति माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यमुना विहार के परिवारों ने कुंवर सिंह चौहान को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इसका उद्देश्य मोहल्ले में आपसी भाईचारे को मजबूत करना और छोटे-मोटे विवादों को बातचीत तथा आपसी सहमति से सुलझाने के प्रयासों को बढ़ावा देना है।
मोहल्ले में निवास करने वाले परिवार शहर में रहने के बावजूद अपने मूल गांवों और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं। शादी-विवाह, त्योहारों तथा सुख-दुख के अवसरों पर सामूहिक भागीदारी के माध्यम से सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाए रखा जाता है। स्याणा की नियुक्ति को भी इसी परंपरा और सामुदायिक एकजुटता को आगे बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर कुंवर सिंह चौहान की ओर से आसपास के परिवारों को रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया गया। आयोजन में एक हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों, विभिन्न गांवों के स्याणाओं और उत्तराखंड सरकार के राज्य स्तर के मंत्रियों ने भी प्रतिभाग किया।
सामूहिक आयोजन के दौरान लोगों ने आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। यमुना विहार में स्याणा नियुक्त करने की यह पहल दर्शाती है कि बदलते शहरी परिवेश में भी अपनी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखा जा सकता है।






