कालसी मे भाजपाइयों ने विरोध प्रदर्शन, प्रीतम सिंह और भाइयों का पुतला फूंका, कथित ऑडियो पर कांग्रेस पर हमला
विकास नगर।कथित वायरल ऑडियो प्रकरण में चकराता से कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह और उनके भाइयों के खिलाफ भाजपा ने बड़ा हमला बोल दिया है। कालसी में चकराता भाजपा इकाई ने मधु चौहान के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें प्रीतम सिंह और उनके भाइयों का पुतला फूंका गया। इस मौके पर दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल कथित ऑडियो में एक परिवार की बेटियों के प्रति अभद्र भाषा, दबाव और धमकी की बातें सामने आई हैं। इसमें प्रीतम सिंह के भाईयो का नाम जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि स्थानीय निवासी बालकराम चौहान (विद्युत विभाग के कर्मचारी) पर अपनी बेटियों को कांग्रेस में शामिल कराने का दबाव डाला गया और मना करने पर गाली-गलौज व धमकी दी गई।
मधु चौहान (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में पूर्व जनजाति योग के अध्यक्ष मूरत राम शर्मा, रितेश वर्मा, प्रभाकर जोशी समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस एक तरफ ‘न्याय यात्रा’ निकालकर महिला सम्मान की बात कर रही है, वहीं उसके नेताओं के परिजनों से जुड़ा कथित ऑडियो गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह विवाद पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड की राजनीति में गरम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने पीड़ित बालकराम की बेटी दीक्षा से फोन पर बातचीत कर परिवार को सुरक्षा और मदद का भरोसा दिलाया तथा एसएसपी को गंभीरता से जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पीड़ित पक्ष की ओर से देहरादून एसएसपी के पास औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है, जिसमें जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। मधु चौहान समेत अन्य नेताओं ने भी उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।
भाजपा इस मामले को कांग्रेस की महिला सम्मान और न्याय की राजनीति पर हमला मानते हुए हमलावर है। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्षी दलों और स्थानीय संगठनों (जैसे स्वाभिमान मोर्चा) ने भी अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन कर जांच की मांग की है।
मामले की जांच जारी है। ऑडियो की प्रामाणिकता और पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावों के मद्देनजर भी देखा जा रहा है।.






