वरिष्ठ पत्रकार एवं चिंतक बांकेलाल निषाद “प्रणव”
डंडा की जगह झंडा, गोली की जगह जय निषाद राज की बोली– डाक्टर संजय निषाद
आरक्षण के लिए पागल बन जाओ घर से निकल कर सड़क पर आओ

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डाक्टर संजय निषाद ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि भारतीय संविधान के अनुसूचित जातियों की सूची में 53 वें नंबर पर मझवार, 66 वें नंबर पर तुरैहा, जो निषाद समाज की ही पर्यायवाची शब्द हैं और भारत के कई राज्यों में अनुसूचित जाति का उन्हें दर्जा प्राप्त है और अनुसूचित जाति की हर सरकारी सुविधाएं उन्हें उपलब्ध है। लेकिन उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में हमारे समाज के साथ छल करके उन्हें पिछड़ी जातियों में कर दिया गया जो संविधान के नियमों का उल्लंघन है और हमारे निषाद समाज के साथ बेमानी है। डाक्टर संजय निषाद ने बताया कि पिछली सरकारों ने हमारे समाज के ही बल पर सरकार बनाया और हमारे समाज को अनुसूचित जाति में शामिल नहीं करके उनके साथ छल किया और परिणामस्वरूप आज वे दशकों से सत्ता से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। आजादी के दौरान आने जाने का मुख्य मार्ग नदियां ही थी। हमारे पुरखों ने अंग्रेजों को नदियों में डुबो – डुबो कर मारा है और देश को आजाद कराने में हमारा समाज अग्रणी रहा है। लेकिन आजादी के बाद हमारे समाज के लोगों को यथोचित पारिश्रमिक नहीं मिला। लगभग 54 वर्ष के कार्यकाल में कांग्रेस ने हमारे समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा न देकर निषाद समाज के साथ अन्याय किया है उन्हें धोखा दिया है, उनके साथ छल किया है, इसीलिए आज कांग्रेस निषाद समाज के पाप ग्रह से ग्रसित है और दशकों से वनवास काल में जीवन व्यतीत करने को मजबूर है । इशारों इशारों में उन्होंने भाजपा सरकार को भी आड़े हाथों लिया और निषाद समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए वर्तमान सरकार पर दबाव बनाने के लिए संकल्पित हुए। डाक्टर संजय निषाद उठते -बैठते, चलते- फिरते, आवास पर हो या संसद से सड़क तक हर वक्त वे अपने समाज के लोगों को जागरूक करते रहते हैं। निषाद समाज के हित में आरक्षण हेतु आवाज उठाते रहते हैं। वे अपने समाज को बताते हैं कि आरक्षण के लिए पागल बन जाओ, फूलन की तरह पागल बन जाओ गोली की जगह बोली चलाओ अर्थात जय निषाद राज बोलो, डंडा की जगह झंडा उठाओ अर्थात निषाद पार्टी का झंडा उठाओ, निषाद पार्टी का चुनाव चिन्ह भोजन भरी थाली का बटन दबाओ । एलानिया वो कहते हैं ऐ निषादों जिस दिन से तुम ऐसा करने लगे उसी दिन से आरक्षण तुम्हारी कदम चूमेगी । शोषण तुम्हारा बंद हो जायेगा तुम्हारे बच्चे आईएएस पीसीएस इंजीनियर डाक्टर वकील मंत्री विधायक मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री इत्यादि ऊंचे-ऊंचे ओहदों पर जाएंगे। इसलिए घर से निकलो आरक्षण के लिए आवाज बुलंद करो। आरक्षण की तुम्हारी लड़ाई तुम्हें खुद लड़ना पड़ेगा इसलिए हाथ में निषाद पार्टी का झंडा मुंख में जय निषाद राज के नारों से निकलो आरक्षण मिलने तक रूको नहीं।





