आंगनबाड़ी केंद्रों में घटिया सामग्री की आपूर्ति का आरोप, जन संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग
देहरादून। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जा रहे कथित घटिया सेनेटरी नैपकिन, सड़े-गले अंडे तथा निम्न गुणवत्ता एवं एक्सपायरी डेट वाले पोषाहार की आपूर्ति पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
नेगी ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जा रहे सेनेटरी नैपकिन गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते। उनका कहना है कि इन पैडों पर किसी मान्यता प्राप्त गुणवत्ता प्रमाणन का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिसके कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश महिलाएं और किशोरियां इनका उपयोग नहीं करना चाहतीं, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने मानदेय से इसकी भरपाई करनी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्लाई किए जा रहे अंडे छोटे, निम्न गुणवत्ता के तथा कई बार खराब अवस्था में होते हैं। कई अंडों से बदबू आने की शिकायत भी सामने आई है। उनका कहना है कि एक साथ कई महीनों का स्टॉक केंद्रों पर भेज दिया जाता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होती है।
इसके अलावा नेगी ने केंद्रीय भंडार, मसूरी के माध्यम से वितरित किए जा रहे दलिया, सत्तू, भोग हलवा सहित अन्य पोषाहार की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई बार एक्सपायरी डेट के निकट या निम्न गुणवत्ता का पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है।
प्रतिनिधिमंडल में आकाश पंवार भी उपस्थित रहे।
(नोट: उपरोक्त समाचार जन संघर्ष मोर्चा द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में संबंधित विभाग या आपूर्तिकर्ता का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।)






