उपनल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ नहीं
ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों पर आदेश की अनदेखी का आरोप, मोर्चा पूर्व सैनिकों की लड़ाई लड़ेगा
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि उपनल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ दिए जाने के मामले में ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों पर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

नेगी ने बताया कि जनहित याचिका संख्या 116/2018 कुंदन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उपनल के माध्यम से कार्यरत एवं प्रायोजित कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन सहित अन्य लाभ दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसके अनुपालन में शासन ने 3 फरवरी 2026 को सभी विभागों को समान कार्य-समान वेतन देने के निर्देश जारी किए थे।

मोर्चा अध्यक्ष के अनुसार, अधिकांश विभागों एवं निगमों में इन निर्देशों का अनुपालन हो चुका है, लेकिन यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में उपनल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों को अब तक इसका लाभ नहीं दिया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब शासन के स्पष्ट निर्देश हैं तो ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में पूर्व सैनिकों को उनके अधिकार से क्यों वंचित रखा जा रहा है। जिम्मेदार मंत्री और अधिकारी इस मामले में खामोश क्यों हैं?

नेगी ने सरकार से मांग की कि उपनल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों को बिना किसी भेदभाव के समान कार्य-समान वेतन का लाभ तत्काल दिया जाए। उन्होंने कहा कि जन संघर्ष मोर्चा पूर्व सैनिकों को न्याय दिलाने के लिए जल्द ही शासन स्तर पर दस्तक देगा।
पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह और ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा मौजूद रहे।







