संस्कारों की पाठशाला का शुभारंभ: यज्ञ-हवन के साथ आर्य समाज की अनूठी पहल
बच्चों के सर्वांगीण विकास और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास, 31 मई तक चलेगा निःशुल्क शिविर
विकास नगर। सम्पादक देवेन्द्र सिंह राय
भारतीय संस्कृति के संरक्षण और बच्चों के चरित्र निर्माण की दिशा में सराहनीय कदम उठाते हुए आर्य समाज मंदिर में आज संस्कारशाला का शुभारंभ विधिवत यज्ञ एवं हवन के साथ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों एवं बच्चों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
आर्य समाज द्वारा पिछले कई वर्षों से निरंतर इस प्रकार की संस्कारशालाओं का आयोजन किया जाता रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों को नैतिक मूल्यों, भारतीय परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना है। इस शिविर में बच्चों को कला, शिल्प, योग, खेल, नृत्य, देशभक्ति नाटक एवं कविताओं के माध्यम से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण में सीखने का अवसर मिल रहा है।
आज के डिजिटल युग में बच्चों का पुस्तकों से दूर होना एक गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में यह संस्कारशाला छुट्टियों के दौरान बच्चों के खाली समय का सदुपयोग करने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रही है। विकासनगर क्षेत्र के अनेक बालक-बालिकाएं इसमें उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
संस्कारशाला के माध्यम से बच्चों को सत्य सनातन वैदिक धर्म के सिद्धांतों से भी परिचित कराया जा रहा है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बच्चों से वृक्षारोपण भी कराया जा रहा है, जिससे उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।
आर्य उपप्रतिनिधि सभा जिला देहरादून की प्रधाना श्रीमती सोनिका वालिया ने जानकारी देते हुए नगरवासियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि यह संस्कारशाला पूर्णतः निःशुल्क है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे भी इसका लाभ उठा सकें।
विशेष बात यह है कि इस शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी प्रशिक्षक बिना किसी लाभ के अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
यह संस्कारशाला आगामी 31 मई तक संचालित होगी और समाज में जागरूक, संस्कारित एवं जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।






