अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
कौन है राहुल उपाध्याय? जिसकी करतूत से अधिवक्ताओं और जनता में है आक्रोश
राहुल उपाध्याय एक ऐसा नाम जिस पर कई मुकदमें दर्ज है लेकिन इसके बावजूद भी वह सवर्ण समाज का जिलाध्यक्ष है। विगत वर्ष रामनगर में स्थित वह मीना पत्नी परदेशी निवासी मंडप का दो तला मकान कब्जा कर लिया था। जिसके संबंध में उस पर 419, 420, 467, 468,471 का मुकदमा उसके समेत तीन लोगों पर दर्ज हुआ था इस मामले में उस पर गुंडा की कार्रवाई भी हुई थी। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि एक बार सुरक्षा लेने के दृष्टिगत उसने खुद अपने पैर में गोली मरवा ली थी जिसकी जांच तत्समय के क्षेत्राधिकारी जगदीश लाल टम्टा ने किया तो जांच में उसी को दोषी पाया। इसके अतरिक्त राहुल उपाध्याय पर 67/2015, 97/15, 105/15, 175/15, 88/2017, 291/20, 145/2018 मुकदमों की लंबी फेहरिस्त है। और एक और मुकदमा दर्ज हुआ 11/9/2025 को, कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के साथ जब वह बदतमीजी कर रहा था। जिसके संबंध में
मुकदमा अपराध संख्या 0700/25 धारा 115(2), 352, 351(3), व एससी-एसटी 3(1) द 3(1) ध, राहुल उपाध्याय, कृष्णा गौतम, व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमों की इस लंबी फेहरिस्त में ताज्जुब ये होता है कि ऐसे अपराधी को सवर्ण समाज का जिलाध्यक्ष बना दिया गया है। ऐसे सख्स को समाज का रहनुमा बना दिया गया है। ऐसे लोग समाज को क्या दिशा देंगे? समाज को क्या आईना दिखाएंगे?। जो खूद हमेशा कानून को अपने हाथ में लेकर आपराधिक कृत्य में शामिल रहा हो ऐसे लोगों का स्थान समाज नहीं है।






