स्टेट ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
निषाद पार्टी के 11 वें स्थापना दिवस पर गरमायेगी यूपी की सियासत
निषादों को “27” की बूस्टर डोज देने की तैयारी में डा० संजय निषाद
18 प्रतिशत की आबादी व 271 विधानसभा की सीटों का भाग्य विधाता निषाद समाज आरक्षण के लिए डाक्टर संजय निषाद के तत्वावधान में 16 अगस्त को डाक्टर बीआर अंबेडकर आडिटोरियम लखनऊ में हुंकार भरेगा। आरक्षण की आश में भारी संख्या में निषादों के पहुंचने का कयास लगाया जा रहा है । इस कार्यक्रम से प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गया है। डाक्टर संजय निषाद के नेतृत्व में निषाद समाज 2014, 2017, 2019, 2022, 2024 के चुनावों में भाजपा का शत-प्रतिशत वोटर और स्पोर्टर रहा है लेकिन अभी तक आरक्षण नहीं मिला। 72 घंटे के अंदर भाजपा की सरकार भारत में पहली बार जातिगत आरक्षण 10 प्रतिशत सवर्ण समाज को दिया है । पिछड़ी से नाम खारिज करो मझवार आरक्षण जारी करो का नारा बुलंद करने वाले डाक्टर संजय निषाद बीच-बीच में वर्तमान भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकार को आगाह करते रहें हैं कि यदि 2027 के पहले निषादों को आरक्षण नहीं मिला तो परिणाम कांग्रेस वाली होगी। फिलहाल उनके कार्यक्रम से सियासत गरमा गई है। विपक्ष डाक्टर संजय निषाद व निषाद समाज की नाराजगी का फायदा उठाने की ताक में है । 2027 के चुनाव के पहले यदि निषादों को आरक्षण नहीं मिला और यदि धैर्य निषादों का खो गया तो भाजपा के लिए सियासी चाल उल्टा पड़ जायेगा। ज्ञातव्य हो कि निषादों की उप-जाति मंझवार, रैकवार, आदि का नाम अनुसूचित जाति में दर्ज है उसी के आधार पर निषादों को अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट जारी करने के लिए सरकार से मांग निषाद समाज करता रहा है। लेकिन अभी तक आरक्षण के नाम पर निषादों को केवल लालीपाप ही दिया जा रहा है। फिलहाल अभी भी समय है आरक्षण मिला तो त्रेता का वायदा पूरा होगा। 27 में कमल का बटन दबेगा। अन्यथा निषाद समाज कब तक अंगूठा कटवायेगा ? फिलहाल समय के गर्भ का दास्तां समय ही बयां करेगा।






