आजमगढ़ ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
श्री श्रद्धा महाराज कर रहे हैं तीन दिवसीय श्री राम कथा
विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी धर्मशास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के कृपापात्र शिष्य श्री श्रद्धा महाराज आजमगढ़ जनपद के गजेन्धरपट्टी भेदौरा बाजार में 26 मार्च से 28 मार्च तक तीन दिवसीय श्री राम कथा कर रहे हैं । वे श्री परमहंस आश्रम वक्तियारपुर पटना बिहार से चलकर आये हैं। उन्होंने भगवान राम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राम और रावण का सबके ह्रदय में वास है जब भाविकों के जन्म जन्मांतर के संस्कार फलित होते हैं तो उन्हें समय के महापुरुष मिलते हैं, उनकी शरण शानिध्यता में, उनकी कृपा से जब भाविकों के हृदय में योग जाग्रत होता है तब हृदय में राम और रावण की लड़ाई प्रारंभ हो जाती है। एक न एक दिन समय के महापुरुष सद्गुरु की कृपा से भाविक के हृदय का रावण मारा जाता है और
भगवान राम का राज्याभिषेक होता है तब अवस्था आती है “*राम राज बैठै त्रैलोका:। हरषित भये गये सब सोका:।।” उन्होंने योगियों के हृदय में रमण करने वाले भगवान राम “*रमन्ते योगिन यास्मिन स: राम:”पर भी विस्तार से चर्चा की। विदित हो कि श्री श्रद्धा महाराज अध्यात्मिक ज्ञान के मर्मज्ञ हैं और अपनी बेबाक टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि धार्मिक भ्रांतियां समय के महापुरुष स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज की यथार्थ गीता से ही खत्म होंगी। सबको ओम जपना चाहिए गीतोक्त साधना को अमल में लाना चाहिए और पूज्य श्री गुरुदेव भगवान का दर्शन महीने में एक बार अवश्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि विश्व गुरु भारत ऋषि महर्षि की तपस्या की देन है।






