प्रयागराज ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
श्री परमहंस आश्रम श्री माड्डव ऋषि धाम यथार्थ गीता पाठ व त्रिशूल स्थापना
भरद्वाज मुनि बसहिं प्रयागा। तिन्हहि राम पद अति अनुरागा।।
तापस सम दम दया निधाना परमारथ पथ परम सुजाना।।
पूज्य गुरुदेव भगवान के शिष्य विजय महाराज जी है यहां के महंत 
गंगा यमुना सरस्वती की पावन संगम पर बसा भगवान भरद्वाज, दुर्वासा ऋषि, व ऋषि पन्ना की ज्ञान स्थली प्रयागराज की पावन धरा पर श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ से विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी अलमस्त सर्वज्ञ सनातन संस्कृति के वाहक यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के शिष्य गण पधार हैं। ये शिष्य गण पूज्य श्री स्वामी जी की कृपा से नव निर्मित श्री परमहंस आश्रम श्री मांडव ऋषि धाम मूर्तिहा दह मांडा खास में यथार्थ गीता पाठ व त्रिशूल पूजा स्थापना वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा किए, जिसमें पूज्य लाले महाराज जी, पूज्य राकेशानंद महाराज जी, पूज्य श्री वरिष्ठानंद जी महाराज, पूज्य पप्पू महाराज जी आदि संत जन उपस्थित रहे। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे , उनको मुफ्त में पूज्य गुरुदेव भगवान द्वारा रचित भव सागर को पार करा देने वाली धार्मिक पुस्तकों को भी दिया गया। ज्ञातव्य हो कि पूज्य गुरुदेव भगवान का इसके अतिरिक्त श्री परमहंस आश्रम श्रृंगवेरपुर भी दूसरा आश्रम है जो पावन गंगा जी के तट पर श्री परमहंस आश्रम श्रृंगवेरपुर में भी विगत कई वर्षों से पूज्य गुरुदेव भगवान की विद्या व गीतोक्त साधना का प्रचार प्रसार हो रहा है।






