07 मार्च 2026, डाकपत्थर।
डाकपत्थर महाविद्यालय में महिला दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित
डाकपत्थर। वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डाकपत्थर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विजय बहुगुणा ने अपने संबोधन में कहा कि महिला और पुरुष समाज रूपी रथ के दो पहिए हैं। दोनों के संतुलित सहयोग से ही समाज और राष्ट्र का समुचित विकास संभव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं ने शिक्षा, विज्ञान, राजनीति और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने युवाओं से महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता की भावना अपनाने का आह्वान भी किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं डॉ. नीलम ध्यानी, डॉ. दीप्ति बगवाड़ी, डॉ. माधुरी रावत, डॉ. सीमा पुंडीर और डॉ. मीनाक्षी राणा, पूजा देवी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर समाज के व्यवहार और सोच का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा के माध्यम से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
कार्य
क्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.एस. नेगी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने एनएसएस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की एनएसएस की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजकुमारी भंडारी चौहान ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और सभी ने महिला सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।






