15 अप्रैल 2026, डाकपत्थर।
वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डाकपत्थर के रोवर-रेंजर्स ने निपुण जांच परीक्षा शिविर में किया प्रतिभाग
वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डाकपत्थर के 6 रोवर एवं 6 रेंजर्स ने उत्तराखंड भारत स्काउट एंड गाइड्स द्वारा कैंपिंग सेंटर भोपालपानी, देहरादून में आयोजित निपुण जांच परीक्षा शिविर में प्रतिभाग कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया।
महाविद्यालय के रोवर दल में हर्षित, पीयूष नेगी, विवेक वर्मा, अमित कुमार, निमेष शर्मा तथा सौरभ गोसाई ने प्रतिभाग किया। वहीं रेंजर दल में दिया रावत, शिखा तोमर, वंशिका चौहान, प्रीति, यीशु राणा तथा नेहा ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। शिविर में पूरे प्रदेश के 14 महाविद्यालयों के रोवर-रेंजर्स ने भाग लिया और विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों एवं परीक्षाओं में सम्मिलित होकर अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।
यह परीक्षा शिविर SOC बी. एस. बिष्ट एवं DTC रेंजर्स गायत्री साहू के दिशा-निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को बी.पी. सिक्स, मॉक ध्वज, शिष्टाचार तथा सर्वधर्म प्रार्थना जैसे महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही अनुशासन, नेतृत्व, सेवा भावना और समूह में कार्य करने की क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
इस अवसर पर प्रादेशिक सचिव, भारत स्काउट एंड गाइड्स, श्री रविंद्र मोहन काला ने सभी रोवर-रेंजर्स को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे स्काउट-गाइड की भावना को आत्मसात करते हुए समाज सेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
डाकपत्थर महाविद्यालय की टीम का नेतृत्व रेंजर लीडर डॉ. माधुरी रावत ने किया। उनकी देखरेख और मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने शिविर की सभी गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रोवर्स रेंजर्स के इन छात्रों के महाविद्यालय आगमन पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ डी एस नेगी ने सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करती हैं। प्राचार्य ने प्रतिभागियों के उत्साह, समर्पण और उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






