संपादकीय द्वारा वरिष्ठ पत्रकार बांकेलाल निषाद “प्रणव”

स्वामी अड़गड़ानंद जी का गमछा धारण कर चुनाव लड़ें व शपथग्रहण किये अखिलेश यादव

4 अक्टूबर 1992 में स्थापित समाजवादी पार्टी ने अपने परंपरागत लाल रंग के गमछे को उतारकर अपनी दूसरी पीढ़ी के आलाकमान अखिलेश यादव को यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के गमछे को धारण कर 2024 के लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत दर्ज की। पिछले वर्ष जब अखिलेश
यादव पूज्य श्री स्वामी जी का आरती उतार कर आशीर्वाद लिये तो उन्हें पूज्य श्री स्वामी जी ने आशीर्वाद स्वरूप अपने आश्रम में लाल महीन धारीदार गमछा जो चलता है उसे दिये । अखिलेश यादव ने उस गमछे को भरत जी की खड़ाऊं की तरह सिरोधार्य कर पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान धारण किए रहे । *प्रभु कर कृपा पांवरी दीन्हीं * *सादर भरत सीस धरि लीन्हीं।*। अखिलेश यादव पूज्य श्री स्वामी जी के गमछे को 2024 के लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत के बाद भी उसको धारण किए रहे और यहां तक कि 18 वीं
लोकसभा की नई संसद में धारण कर शपथ ग्रहण भी किये। पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान उनका यह गमछा ब्रांड बन गया और उनके सारे कार्यकर्ता इस गमछे को धारण किए रहे यहां तक कि पूरे प्रदेश में मार्केट में इस गमछे का अकाल पड़ गया। ऐसा नहीं है कि पूज्य श्री स्वामी का आशीर्वाद केवल किसी व्यक्ति विशेष के लिए ही होता है उन्हें जो जितनी श्रद्धा से भजता है वही श्रद्धा उसे कृपा बनकर मिलती है। पूज्य श्री
स्वामी जी से जब कोई भक्त अपना दुखड़ा सुनाता है तो पूज्य श्री स्वामी जी उसे यही कहते हैं कि जाओ धूना पर प्रणाम कर आशीर्वाद ले लो तुम्हारी श्रद्धा ही कृपा बनकर लौटेगी। पूज्य श्री स्वामी जी त्रिकालदर्शी हैं। पूज्य श्री स्वामी जी 2014 के लोकसभा चुनाव के 6 माह पहले अपने सैकड़ों शिष्यों में से एक सोहम बाबा के पास फोन किए कि कहां हो ? सोहम बाबा ने सादर प्रतिउत्तर दिया कि सरकार मैं उत्तराखंड में हूं पूज्य श्री स्वामी जी ने कहा कि मोदी
उत्तराखंड में हैं और देश का प्रधानमंत्री 2014 में बनने वाले हैं उन्हें जाकर यथार्थ गीता भेंट करो। सोहम बाबा ने पूज्य श्री स्वामी जी के आदेश का अक्षरशः पालन किया और मोदी जी प्रधानमंत्री बन गये। कोरोना व्याधि से पूज्य श्री स्वामी जी जब ग्रसित थे तो उस समय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पूज्य श्री स्वामी जी का कुशलक्षेम पूछने का आडिओ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उनकी मां की अंत्येष्टि में यथार्थ गीता का आडियो बज भी रहा था मोदी जी के भाई अक्सर पूज्य श्री स्वामी जी का आशीर्वाद लेने आश्रम पर आते रहते हैं।
इसी तरह पूज्य श्री स्वामी जी झारखंड के भूतपूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को भी आशीर्वाद दिये थे और वे मुख्यमंत्री बने थे।एक बार चंदौली के डाक्टर धनंजय सिंह पूज्य श्री स्वामी जी से बसपा टिकट पर विधायकी लड़ने के लिए आशीर्वाद मांग रहे थे पूज्य श्री स्वामी जी ने कहा कि डाक्टर बसपा और मायावती अपने अवसान के दिन गिन रही है और सत्ता में नहीं आयेगी और वही हुआ जो पूज्य श्री स्वामी जी ने
भविष्यवाणी की। फूलन देवी जब मिर्जापुर से चुनाव लड़ रही थी तो उस समय उनके खिलाफ वीरेंद्र सिंह चुनाव लड़ रहे थे। फूलन देवी को पूज्य श्री स्वामी जी आशीर्वाद दे चुके थे। दूसरे दिन बीरेंद्र सिंह भी आशीर्वाद लेने पहुंचे बीरेंद्र सिंह से पूज्य श्री स्वामी जी ने कहा कि हम तुम्हारी बहन को सांसद बनने का आशीर्वाद दे चुके हैं। फूलन देवी विजय हुई और
बीरेंद्र सिंह हार गए। इसी तरह एक बार अम्बेडकर नगर जिले के पूर्व विधायक सुभाष राय पूज्य श्री स्वामी जी का दर्शन करने शक्तेषगढ़ आश्रम पहुंचे हुए थे 2007 में कांग्रेस से चुनाव लड़ें और हार गए थे बहुत व्यथित थे दर्शन और आशीर्वाद के लिए शक्तेषगढ़ आश्रम पहुंचे वे श्रद्धापूर्वक खड़े थे हार से बेहद दुखी थे अंतर्यामी पूज्य श्री स्वामी जी उनकी भावना को जान गये और उनकी तरफ मुड़े और उनके पास जाकर बोले क्यों, *गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ्ल क्या गिरे जो घुटनों के बल चले*। उनकी वाणी सुन सुभाष राय को मानों अथाह उर्जा मिल गयी उनकी सारी
थकान दूर हो गयी वे लगे रहे और 2019 के जलालपुर विधानसभा उप चुनाव में विजई हुए। ऐसे एक दो नहीं अनगिनत पूज्य श्री स्वामी जी के सत्य घटित उदाहरण है जिसको लिखने में कलमकार के कलम में न तो क्षमता है और न ही कलमकार के दिमाग में उतनी उर्जा। *हरि अनन्त हरि कथा अनंता। कहहि सुनहि बहु विधि सब संता।।* पूज्य श्री स्वामी जी का आशीर्वाद लेने देश विदेश की बड़ी से बड़ी हस्तियां आती रहती हैं जैसे अशोक सिंघल, मोहन भागवत, बाबा रामदेव राजू श्रीवास्तव मुलायम सिंह शिवपाल यादव
अखिलेश यादव मोरारी बापू आदि अनगिनत राजनीतिज्ञ सोशलिस्ट अधिकारीगण संत महात्मा कथावाचक हजारों शख्सियत की लंंबी फेहरिस्त है। लेकिन इन सबके बावजूद भी देश के लिए बड़े दुर्भाग्य की बात है कि यथार्थ गीता को अभी तक राष्ट्रीय धर्मग्रंथ घोषित नहीं किया गया है । *क्यों अस्तित्व में आयी यथार्थ गीता*? यथार्थ गीता को पूज्य श्री स्वामी जी ईश्वरीय आदेश से लिखें हैं। साधना काल में एक बार वे साधनरत थे उनके अनुभव में आया कि एक ऊंट उनका चक्कर लगा रहा है अर्थात भजन से उनके जन्म
जन्मांतर के संस्कार कट चुके हैं केवल एक संस्कार बचा है भविष्यवाणी हुई कि यथार्थ गीता लिखो पूज्य श्री स्वामी जी ने सोचा कि सारे संस्कार कट चुके हैं इसे भी भजन से काट देंगे हमें पढ़ने लिखने से क्या मतलब ? फिर भजन में लग गए फिर आकाशवाणी हुई कि नहीं लिखना पड़ेगा। पूज्य श्री स्वामी जी ने कहा भगवन् मैं ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूं संस्कृति क्लिष्ट भाषा मुझे आती नहीं फिर कैसे लिखूं भगवान ने कहा मैं बोल रहा हूं लिखो। अक्षरशः भगवान बोले और
पूज्य श्री स्वामी जी ने लिपिबद्ध किया इसी ईश्वरीय वाणी का नाम है यथार्थ गीता। *गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यै: शास्त्रसंग्रहै:। या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपपद्माद्विनि: सृता*।। यह पूर्णतः मजहब मुक्त है मानवमात्र का धर्म शास्त्र है। इसमें पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोने की क्षमता है सांप्रदायिक सद्भाव सामाजिक समरसता का संदेश वाहक है। ऊंच नीच छोटे बड़े की खांई को पाटती है। वैश्विक मातृत्व पितृत्व भ्रातृत्व की भावना का पावरहाउस है। ऐसे धर्म शास्त्र को न केवल भारत का राष्ट्रीय धर्मशास्त्र बल्कि विश्व का अंतर्राष्ट्रीय धर्म शास्त्र घोषित करना चाहिए। जिससे विश्व में शांति सद्भावना भाईचारे की भावना विकसित हो सके। यथार्थ गीता में वर्णित धर्म जाति वर्ण कर्म दान यज्ञ एकेश्वरवाद की धारणा आदि से मानव- मानव में प्रेम, देश -देश में प्रेम और एक ईश्वर की संतान की भावना से पूरा संसार एक परिवार में सिमटता नजर आता है। *ममैवांशो जीवलोके जीवभूत: सनातन:। मन: षष्टानीन्निद्रियाणि प्रकृतिस्थानि कर्षति।।
फिलहाल पूज्य श्री स्वामी जी से हर पार्टी के लोग हर मजहब के लोग हर जाति के लोग हर वर्ग के लोग जुड़े हैं और बराबर उनके दरबार में सिजदा करने आते हैं अब यथार्थ गीता को राष्ट्रीय धर्मग्रंथ घोषित करने का श्रेय किसे पूज्य श्री स्वामी जी गुरु देव भगवान देंगे यह वे ही जानें। मौके पर भाजपा की केंद्र में सरकार है और अधिकतर राज्यों में भी सरकार है मोदी जी मन बना लें तो यथार्थ गीता राष्ट्रीय धर्मशास्त्र घोषित हो सकता है । अन्यथा अखिलेश यादव पूज्य स्वामी जी का गमछा सिरोधार्य कर संसद में शपथ ले चुके हैं और संसद में यथार्थ गीता को राष्ट्रीय धर्म शास्त्र घोषित करने का शपथ अभी सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव का बाकी है।






