रिखणीखाल
प्रमुख सम्पादक देवेन्द्र राय
बस प्राथमिक विद्यालय चिलाऊं (पैनों) का भवन जर्जर हालत में, किसी अनहोनी दुर्घटना के इन्तजार में नजरें, लगाये हुए है।

प्रदेश के अग्रणी जनपद पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल प्रखंड के अन्तर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय चिलाऊं की स्थापना लगभग 20-22 साल पहले हुई थी।ये रिखणीखाल व नैनीडांडा प्रखंड का सीमांत गाँव है।शायद इसीलिए इस पर किसी की नजर न पड़ीं हो।
इस विद्यालय में वर्तमान में 7-8 बच्चे जैसे तैसे शिक्षा ग्रहण करते हैं, उनकी देखरेख व शिक्षा दीक्षा के लिए 02 सरकारी अध्यापक लगे हुए हैं। लेकिन शिक्षा के लिए उचित संसाधन न होने के कारण परेशानी झेल रहे हैं। यहाँ विद्यालय भवन की हालत जर्जर व क्षतिग्रस्त बनी हुई है।भवन का प्लास्टर लगातार झड़ता जा रहा हो,भवन पर लगा सरिया भी जंक खाकर झुकता जा रहा है।खिड़की दरवाजे भी कुछ ही जगह लगे हैं तथा सड़ गल गये हैं। आजकल बारिश लगातार चौबीस घंटे हो रही है,भवन कभी भी धराशायी हो सकता है।शायद इसी घड़ी का इन्तजार किया जा रहा है कि कब वो दिन आये,और बच्चों का जीवन असफल हो।
इस गांव में रहे ग्रामीण अनपढ,अशिक्षित व अनभिज्ञ हैं, उन्हें नहीं पता कि कहाँ शिकायती पत्र देना है तथा किसको देना है।सिर्फ कोई आ गया तो मौखिक ही बोल सकते हैं, वो भी कोई आया तो!सरकार का स्लोगन है, “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ “।लेकिन इस हालत में कैसे बेटी बचेगी तथा कैसे पढ़ेंगी। जैसा कि चित्र में दिखाई दे रहा है।

अब इस खबर के प्रसारित होने के बाद सरकार व शिक्षा विभाग की नींद टूटती है कि नहीं।






