आवास प्राधिकरणों को आरटीआई मामले में करें आयोग के हवाले: मोर्चा
प्रमुख सम्पादक देवेन्द्र राय
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश के कई विकास प्राधिकरणों यथा मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, हरिद्वार विकास प्राधिकरण, नैनीताल विकास प्राधिकरण आदि तमाम आवास प्राधिकरणों के क्षेत्रांतर्गत एक गरीब आदमी को घर बनाना आरटीआई के दलालों ने मुश्किल कर दिया है |
आवास प्राधिकरणों को आरटीआई मामले में करें आयोग के हवाले: मोर्चा
गरीब व्यक्ति न जाने कैसे- कैसे अपने पूरे जीवन की कमाई एक- दो कमरे बनाने में खफा देता है, लेकिन ये दलाल आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगकर उसका जीना मुश्किल कर देते हैं तथा मामला सेटल होने के उपरांत ही उसका पीछा छोड़ने हैं | मोर्चा इन दलालों के खिलाफ कोठार कार्रवाई को लेकर लगभग 15- 20 दिन पहले मा. मुख्यमंत्री को अवगत करा चुका है, जिसमें गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज एवं आमूल चूल परिवर्तन की मांग की गई थी
आरटीआई के दलालों ने गरीब को घर बनाना कर दिया मुश्किल 
, जिस पर मा. मुख्यमंत्री ने बहुत गंभीरता दिखाई एवं एक जिम्मेदार सचिव को इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे| नेगी ने कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम के तहत यह व्यवस्था की जानी चाहिए कि इन प्राधिकरणों से किसी छोटे-मोटे आवासीय भवनों के संबंध में मांगी गई सूचना प्रथम अपील के उपरांत सिर्फ और सिर्फ आयोग के निर्देश पर ही दी जानी चाहिए,जिससे ये दलाल खुद ब खुद छंट जाएंगे |
आयोग के निर्देश पर ही मिले सूचना
इसके साथ-साथ यह भी परिलक्षित होना चाहिए कि सूचना मांगने में किस प्रकार का जनहित एवं उद्देश्य है| आज प्रदेश को चोर -डकैतों से इतना खतरा नहीं है, जितना इन दलालों से हो गया है |
इनकी संपत्ति की भी हो जांच
इन दलालों के कारण जनता मानसिक तनाव में आ गई है |. मोर्चा सरकार के समक्ष शीघ्र ही इस मामले को रखेगा एवं ऐसे लोगों को जिला बदर नहीं राज्य बदर करने के साथ-साथ इनकी संपत्ति की भी जांच का प्रकरण भी रखेगा | पत्रकार वार्ता में- हाजी असद व देवी दयाल शर्मा आदि मौजूद थे |
सीएम साहब दे चुके कठोर कार्यवाही का भरोसा






