आजमगढ़ ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
श्री परमहंस आश्रम बहिरादेव में नारद महाराज जी का भव्य स्वागत
श्री परमहंस आश्रम बहिरादेव में पहले से ही पहुंचे हुए थे पूज्य श्री अंग्रेजी महाराज 
विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित मानव मात्र का एकमात्र कालजयी धर्म शास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के शिष्य पूज्य श्री नारद महाराज जी का श्री परमहंस आश्रम बहिरादेव में भव्य स्वागत हुआ। उनका स्वागत पूज्य श्री फक्कड़ महाराज जी, पूज्य श्री अंग्रेजी महाराज जी, पूज्य श्री मिस्त्री महाराज पूज्य श्री आशीष महाराज जी सहित सैकड़ों भक्तों ने किया। पूज्य श्री नारद महाराज जी ने अपने लंबे काफिले के साथ श्री परमहंस आश्रम बहिरादेव में पहुंचे। उन्होंने पूज्य गुरुदेव भगवान के अध्यात्मिक संदेशों को सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं भक्तों को बताया। उन्होंने बताया कि ओम् का जप करें और सद्गुरु भगवान का ध्यान करें। इस अवसर पर पूज्य श्री नारद महाराज जी को माल्यार्पण कर और अंगवस्त्र प्रदान कर उनका स्वागत किया गया। भंडारे का आयोजन किया गया और पूज्य गुरुदेव भगवान द्वारा रचित धार्मिक पुस्तकों और यथार्थ गीता का मुफ्त में वितरण किया गया। उनके पूर्व आगमन के पहले पूज्य श्री अंग्रेजी महाराज जी ने भक्तों को सत्संग के माध्यम से आशीर्वाचन दिया। पूज्य श्री नारद महाराज जी ने सर्वप्रथम पहुंचकर धूना पर प्रणाम किये फिर यथोचित स्थान ग्रहण किये। उनका आरती वंदन किया गया फिर उन्होंने सत्संग के माध्यम से आशीर्वचन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि भजन करोगे तो भगवान खुद मार्गदर्शन करने लगेंगे,
उठायेंगे सोवायेंगे, बैठायेगे, जगायेंगे। उनके बताए मार्ग पर चलें वे अपना गुरुत्व प्रदान कर देंगे। उन्होंने बताया कि सद्गुरु अपने शिष्य को सद्गुरु ही बनाकर छोड़ते हैं चाहे कितना भी समय अथवा जनम लगे। उन्होंने बताया कि घर में रहते हुए समय निकालकर गीतोक्त साधना में लगे, गुरु भगवान कल्याण करेंगे। भजन जाग्रत हो जायेगा भगवान आपके हृदय से रथी होकर आपका मार्गदर्शन करने लगेंगे। पूर्तिपर्यंत साथ रहेंगे किसी भी जनम में साथ नहीं छोड़ेंगे। पूज्य श्री नारद महाराज श्री परमहंस आश्रम कौड़ीराम पहले गये, फिर वहां से एक अंकित भगत है उनके बिजली के पोल का उद्घाटन में पहूंचकर उन्हें कृतार्थ किये , फिर वहां से वे राजा सिंह आजमगढ़ के घर पहुंचकर उन्हें कृतार्थ किये, वहां से लौटने के बाद वे श्री परमहंस आश्रम बहिरादेव आजमगढ़ पहुंचे। पूज्य श्री फक्कड़ महाराज जी, पूज्य श्री अंग्रेजी महाराज जी, पूज्य श्री मिस्त्री बाबा, पूज्य श्री आशीष बाबा व सैकड़ों भक्तों द्वारा उनका यहां भव्य स्वागत किया गया। फिर वे यहां से मोक्षदायिनी ज्ञान- गंगा केंद्र श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ पहुंचे।






