श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण के बाल लीलाओं का वर्णन
विकास नगर 20 जनवरी। जौनसार बावर भवन विकासनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में में कथावाचक व्यास विपिन कृष्ण उनियाल ने भगवान श्री कृष्ण के बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रेम के साथ-साथ संस्कार भी दें।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्णा को समाप्त करने के लिए दुष्ट प्रवृत्ति की पूतना अपना राक्षसी रूप दिखाती है जिसे श्री कृष्ण बाल रूप में ही वध कर देते है। उन्होंने कहा है कि मनुष्य को सद्गति प्राप्त करने के लिए अच्छे कर्म नियमित करने चाहिए। इसी में मनुष्य, समाज और देश का कल्याण है
व्यास विपीन कृष्ण महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत का पाठ करने से सभी के दोष नष्ट हो जाते हैं। भागवत पुराण में 18 हजार श्लोक और 12 स्कंध हैं। भगवान का अर्थ भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, तारण है। इसलिए पितरों की शांति के लिए श्रीमद् भागवत कथा करना सबसे पुण्य आयोजन है।
इस अवसर पर रेखा यादव, आभा तोमर, कृष्णा नेगी, संध्या जोशी, सत्या चौहान, मोहिनी, उमा चौहान, बालमा जोशी, सुश्री प्रमिला जोशी, विनीता जोशी, बाला, प्रताप सिंह तोमर, सियाराम सिंह तोमर जी, लोक पंचायत के वरिष्ठ कार्यकर्ता भारत चौहान जी, पूर्व राज्य मंत्री टीकाराम शाह, पं शिवानंद उनियाल, पं मुकेश भट्ट, पं विपिन भट्ट जी,श्री राघव उपाध्याय, श्री मोहित केष्टवाल,नीरज जी, आरव, मोहित शर्मा, रोहित जोशी आदि लोग उपस्थित रहे
Author: NM News live
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