गोंडा ब्यूरो बांकेलाल निषाद प्रणव
ओम शब्द से सभी दुखों का निवारण होता है – सोहम महराज

यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के शिष्य सोहम महाराज जी ने गोंडा जनपद के वजीरगंज में स्थित एसटी जोसेफ विद्यालय में यथार्थ गीता का वितरण भी किया और उसके उपदेशों को भी शिक्षकों और छात्रों में बताया। उन्होंने प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन भी किया जिसमें यथार्थ गीता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यथार्थ गीता सृष्टि की सर्वश्रेष्ठ विद्या है और गुरु देव भगवान सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ सद्गुरु हैं इसमें वही विद्या है यह आदि ग्रंथ है इसमें वह विद्या है जिससे रत्नाकर वाल्मीकि अंगुलिमाल अरिहंत हो गया और माता शबरी रैदास कबीर नानक आदि महापुरुषों की एक लंबी फेहरिस्त यथार्थ गीता में वर्णित ब्रम्ह विद्या की देन है। पूज्य गुरुदेव भगवान स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के शिष्य सोहम महराज ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ओम शब्द से सभी दुःखों का निवारण होता है। उन्होंने शिक्षक और छात्रों में यथार्थ गीता ज्ञान को पढ़ाने का उपदेश दिया। वहीं उक्त कार्यक्रम में हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में यथार्थ गीता पुराण का वितरण 251 लोगों में किया गया। इस दौरान सुशील कुमार जयसवाल,शिव कुमार तिवारी,आशीष द्विवेदी,ओम द्विवेदी, प्रमोद द्विवेदी,कुमार झा सहित विद्यालय के सैकड़ों छात्र व अन्य मौजूद रहे।






