सेपियंस विद्यालयों में दीपों का पर्व दीपावली हर्षोल्लास और आध्यात्मिकता के साथ मनाया गया
सेपियंस विद्यालय विकास नगर तथा हरबर्टपुर में दीपावली का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर दोनों विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सेपियंस विद्यालय विकास नगर में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नवीन तनेजा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया, वहीं हरबर्टपुर शाखा में महालक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और मधुर प्रार्थना गीत के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। तत्पश्चात विद्यार्थियों द्वारा समूह गीत, नृत्य, चौपाइयाँ, भजन और दीपावली पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी गई। विशेष रूप से “राम आएंगे” गीत पर प्रस्तुत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
इस अवसर पर संस्कृति और वंशिका सैनी ने दीपावली पर अपने विचार प्रकट किए, वहीं हरबर्टपुर शाखा के विद्यार्थियों ने ‘हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता’ गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती गीता नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का नहीं, बल्कि मन के अंधकार को दूर कर ज्ञान, सदाचार और प्रेम का प्रकाश फैलाने का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव सकारात्मकता और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नवीन तनेजा ने विद्यार्थियों को दीपावली के पाँच दिवसीय पर्व का महत्व बताते हुए अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश दिया और सभी को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा तथा भाई दूज की शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर विद्यालय की डायरेक्टर सुश्री रश्मि गोयल ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि दीपावली हमें यह सिखाती है कि जीवन में सच्चाई, सद्भावना और आत्मज्ञान का दीप सदैव प्रज्वलित रखना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी अध्यापकों और विद्यार्थियों ने “तमसो मा ज्योतिर्गमय” — अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल आनंदमय रहा बल्कि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था जगाने वाला भी सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक विभु गोयल, विद्या जोशी, आदित्य आले, मोनिका वर्मा, मोनिका शर्मा, कमल छैत्री, अंजलि कोठारी, उमा पुंडीर, विनीता, विभा, संध्या, मानसी परमार, बीना शर्मा, कृष तथा यश सिंघल का सहयोग सराहनीय रहा।






