National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

March 27, 2026 8:12 am

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March 27, 2026 8:12 am

आज जिस प्रकार उपनल कर्मचारियों के विषय में मा० सदन में चर्चा की गयी उससे ऐसा लगता है कि सरकार उपनल कर्मचारियों की पीड़ा को समझने के बजाय उनको और अधिक पीड़ा देने का काम कर रही है।

आज जिस प्रकार उपनल कर्मचारियों के विषय में मा० सदन में चर्चा की गयी उससे ऐसा लगता है कि सरकार उपनल कर्मचारियों की पीड़ा को समझने के बजाय उनको और अधिक पीड़ा देने का काम कर रही है।

प्रधान सम्पादक देवेन्द्र राय 

जहाँ उपनल कर्मचारियों की मांग है कि हमको 10, 15, 20 वर्ष हो गए काम करते हुए हमारा सुरक्षित भविष्य करो और हमको सम्मानजनक वेतन दो। अब हमारी उम्र 45 से 50 वर्ष होने वाली है हमारा भी परिवार है हमारे भी बच्चे है उनके भविष्य और उनके भरण पोषण के लिए हमको परमानेंट रोजगार दो हमको नियमितीकरण नियमावली में शामिल करो।

आज जिस सरकार द्वारा सत्ता पक्ष के अपने ही विधायकों से प्रश्न करवा कर यह बताने की कोशिश की गयी कि उपनल कर्मचारियों को कितना वेतन और क्या-क्या भत्ते मिलते है, वह र्दुभाग्यपूर्ण है।
जिस प्रकार मा० मंत्री सैनिक कल्याण जी द्वारा बताया गया कि उपनल कर्मचारियों को मकान किराया व अन्य भत्ते मिलते है शायद माननीय मंत्री जी को यह बताते हुए और मा० विधायक जी यह सुनते हुए बिल्कुल भी पीड़ा नहीं हुई होगी कि इस मंहगाई के दौर में उपनल कर्मचारियों को 900 से 1000 रूपया महिने का मकान किराया भत्ता मिलता है। मा० मंत्री जी ने यह तो बताया कि ग्रेच्युटी तो मिलती है लेकिन यह बताने में शायद उनको पीड़ा महसूस हुई होगी कि ग्रेच्यूटी तो जब कर्मचारी नौकरी छोड़ता है तो तब उसको दी जाती है इसलिए उन्होंने विस्तार में नहीं बताया कि ग्रेच्यूटी मासिक वेतन में जोड़कर दी जाती है जबकि ग्रेच्यूटी कभी भी मासिक वेतन की हिस्सा नहीं होती है। मा० विधायक जी को बिल्कुल इस बात जी जानकारी नहीं होगी कि 10, 15 से 20 वर्ष कार्य करने के बाद जब अधिकतर उपनल कर्मचारियों की उम्र 45 से 50 वर्ष हो गयी उनको कभी भी नौकरी से निकाल दिया जाता है और उनमें से अधिकतर ऐसे कर्मचारी है जिनके बच्चे स्कूल जाते है उनकी फीस, मकान का किराया, दूध का बिल, बिजली का बिल, आफिस आने जाने का किराया, मोबाइल का रिचार्ज, दवाई इत्यादि के लिए 10, 15 और 20 वर्ष लगातार कार्य करने के बाद भी केवल 15 से 20 हजार ही वेतन दिया जा रहा है। हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि यदि सत्ता पक्ष से प्रश्न करने वाले मा० विधायक जी उपनल कर्मचारियांे की पीड़ा का ऐहसास होता तो वो कभी भी मा० सदन में ऐसी भूमिका बनाने वाले प्रश्न नहीं पूछते कि जिसका मात्र उद्देश्य यह हो कि उपनल कर्मचारियों को क्या-क्या भत्ते मिलते है और न ही उनके वेतन से जीएसटी कटौती का प्रश्न करते। मा० मंत्री जी जीएसटी कटौती के बारे में बताते हुए शायद भूल गए होंगे कि उपनल कर्मचारियों के वेतन बढ़ोत्तरी की जब भी बात होती है तो अधिकारी तो सरकार पर पड़ने वाले व्यय भार में जीएसटी का जिक्र करके उपनल कर्मचारियों की वेतन बढ़ोत्तरी कम कर देते है।
आज जिस प्रकार उपनल कर्मचारियों की पीड़ा को सरकार द्वारा बढ़ाने का कार्य किया गया है उससे प्रत्येक उपनल कर्मचारी व उनका परिवार आक्रोशित है तथा सरकार की सद्वबुद्धि के लिए प्रार्थना कर रहा है।

टिहरी जिला अध्यक्ष श्री हरीश मोहन नेगी, प्रमोद सिंह गुसाईं, प्रदेश महामंत्री, उपनल संविदा संघ(सयुक्त मोर्चा)

NM News live
Author: NM News live

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