देहरादून चकराता
प्रमुख सम्पादक देवेन्द्र राय
देवभूमि जिला देहरादून के अंतर्गत चकराता विधानसभा के जौनसार बावर के ग्राम पंचायत लाखामंडल एक जनजातीय क्षेत्र में जन्मी श्रीमती बचना शर्मा पिता बालक राम शर्मा एक किसान परिवार के घर जन्म लिया,14 भाई बहनों में से एक बचना शर्मा का जीवन एक साहसी और संघर्षपूर्ण रहा। बचपन में पढ़ लिख कर गांव व देश का नाम रोशन करने की चाह रखने वाली बचना शर्मा को परिवार का सपोर्ट न मिलने के कारण वह शिक्षा ग्रहण न कर पाई और छोटी उम्र में ही घर से बाहर देहरादून में पार्ट टाइम जॉब कर अपनी आगे की शिक्षा ग्रहण करी। जब वे वापस गांव आई तो उन्हे उनके
परिवार ने स्वीकार नहीं किया और घर से निकाल दिया गया लेकिन मन में कुछ करने की चाह रखने वाली बचना शर्मा ने अपनी मां से प्रेरणा ले खुद के बलबूते पर उन्होंने गांव मैं ही बिना किसी के सपोर्ट के कॉस्मेटिक और पार्लर की दुकान खोली और धीरे धीरे एक अकेली महिला ने अपनी मेहनत की कमाई से जो शिक्षा वह ग्रहण न कर पाई वो उन्होंने अपने बच्चों को दिलाने की ठानी और करके दिखाया। बचपन से ही सामाजिक कार्य व क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य आदि के लिए कार्य करने की चाह रखने वाली बचना शर्मा जी ने एक क्षेत्रीय समिति जौनसार बावर जन कल्याण विकास समिति बनाई और समिति की अध्यक्षता संभालते हुए जनहित के लिए कार्य करने लगी जिसे देख उनके साथ क्षेत्र के अन्य लोग व महिलाएं भी समिति की सदस्य बन कर बचना शर्मा जी के साथ मिल कर क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य कई सामाजिक समस्याओं के लिए आवाज उठाई और सरकार तक जौनसार बावर के लोगों के लिए सामाजिक सुधारों की मांग करी जिसके लिए वह आज भी डट कर लड़ रही हैं। बचना शर्मा जी ने कई महिलाओं के घरेलू समझौते करवाए हैं। पीड़िता महिलाओं को निशुल्क न्याय दिलवाया जिसके लिए उन्हें सामाधान निशुल्क महिला हेल्पलाइन से प्रमाण पत्र मिला है तथा उसकी सदस्य भी हैं। जौनसार बावर के सुदूरवर्ती गांवों में महिलाओं के हित के लिए स्वयं सहायता समूह में महिलाओं को जोड़ा हैं तथा सरकारी योजनाओं से महिलाओं को लघु उद्योगों के लिए भी प्रेरित करने का कार्य किया व समूह की ऑडिटर के रूप में भी कार्य किया है तथा जिसके लिए उन्हें कई जनकेंद्रों से प्रमाण पत्र भी मिले हैं। जौनसार बावर में महिलाओं के हित व गांव के विकास के लिए किए गए उनके द्वारा कार्यों को देखते हुए बचना शर्मा को आईटीबीपी की आंतरिक शिकायत समिति जो कार्य स्थल में महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न के निवारण के लिए बनाई गई जिसमे बचना शर्मा जी को समिति का सदस्य नियुक्त व परमाणित है। और अन्य समूह संघ जैसे गौ रक्षा संघ, मां यमुनारक्षक संघ इत्यादि से भी जुड़ी हैं।
कोरोना काल में उत्तराखंड के बहुत से युवा रोजगार के लिए अन्य राज्य में कार्य करते थे लॉकडाउन के चलते कई राज्यों में उत्तराखंड के अलग अलग जिलों के युवा, परिवार आदि को सकुशल उन्हें रेस्क्यू कर उन्हे राज्य में वापस लाया गया और जिसके लिए उन्होंने राज्य सरकार के समक्ष गुहार लगाई थी।
अपने गांव लाखामंडल में भी बहुत सी जनहित मांगो के लिए लड़ कर कार्यों को सफल बनाया बालिका आश्रम पद्धति, राजकीय इंटर कॉलेज, आदि स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने का भी कार्य किया तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुधारों के लिए भी लड़ती रही हैं। क्वांसी में बने हॉस्पिटल में डॉक्टर न होने पर धरना प्रदर्शन कर डॉक्टर व 108 की व्यवस्था पूरी करी। और क्षेत्र में बढ़ रहे अपराधों व युवाओं को नशा मुक्त करने के लिए तथा अवैध रूप से हो रहे कार्यों के रोकथाम के लिए बचना शर्मा ने सरकार से पुलिस प्रशासन व्यवस्था से पुलिस चौकी की मांग रखी और आज लाखामंडल में चौकी खुलेने से खत के सभी क्षेत्रों में आपराधिक मामलों में गिरावट आई हैं।
ऐसे कई जनहित कार्य व महिलाओं के हित व क्षेत्र की सभी सामाजिक समस्याओं, तथा जौनसार बावर जो एक जनजातीय क्षेत्र है में शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की समस्याओं के लिए बचना शर्मा जी आज भी तत्परता से लड़ रही हैं तथा वह आगे भी जनहित कार्यों के लिए आगे बढ़ती रहेगी तथा उनका कहना हैं वह अपने अंत समय तक सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुकी हैं।






