National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

March 23, 2026 6:50 pm

National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

Follow Us

March 23, 2026 6:50 pm

ब्रम्हभोज पर यथार्थ गीता पाठ का आयोजन 

अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद प्रणव

 

ब्रम्हभोज पर यथार्थ गीता पाठ का आयोजन

 

इंधना में श्रीराम यादव की मां की आत्मा की शांति हेतु हुआ यथार्थ गीता पाठ

 

जिधर देखता हूं उधर तू ही तू है।

न तेरी खुशबू और न तेरी बू है।

जन्म दिन हो या शादी विवाह पूजा पाठ गृह प्रवेश ब्रम्हभोज तीज त्यौहार हर अवसरों पर यथार्थ गीता पाठ का आयोजन किया जाता है। यह सुंदर शुभ मंगल की शुरुआत मोक्षदायिनी केंद्र शक्तेषगढ़ आश्रम से निकली और धीरे धीरे धरा धाम में फैल गई। इसी सुंदर शुभ मंगल यथार्थ गीता पाठ की परम्परा के अनुपालनार्थ के क्रम में जनपद अम्बेडकर नगर के जलालपुर तहसील अंतर्गत इंधना ग्राम सभा में यथार्थ गीता पाठ का आयोजन किया गया। श्रीराम यादव की माता जी का स्वर्गवास दिनांक 25 जून 2024 को हो चुका है जिनकी आत्मा की शांति हेतु यथार्थ गीता पाठ का आयोजन किया गया। भोजन प्रसाद ग्रहण का कार्यक्रम 06 जुलाई दिन शनिवार पूर्णिमा को होना है । श्रीराम यादव से पूछने पर उन्होंने बताया कि इस यथार्थ गीता पाठ से मेरी मां की आत्मा को शांति मिलेगी तथा साथ ही साथ ग्रामीण वासियों श्रेत्र वासियों का कल्याण भी होगा। उनके लौकिक और पारलौकिक जीवन का कल्याण होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यथार्थ गीता पाठ कराने से यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज भक्तों पर बहुत प्रसन्न होते हैं विशाल हृदयी गुरुदेव भगवान श्री स्वामी जी की कृपा भक्तों पर बराबर बनी रहती है। उन्होंने बताया कि 18 घंटे के यथार्थ गीता पाठ से धर्म अर्थ काम मोक्ष यज्ञ एक ईश्वर की आराधना जाति वर्ण शास्त्र आदि के स्पष्ट संदेश से सभी अवगत हो जाते हैं जिससे लोगों में जो धर्म संबंधित भ्रांतियां हैं उसका शमन हो जाता है। ज्ञातव्य हो कि पूज्य गुरुदेव भगवान द्वारा रचित श्रीमद्भागवत गीता का भाष्य यथार्थ गीता का आडियो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां की अंत्येष्टि पर बज रहा था। 2014 के चुनाव के पहले प्रधानमंत्री मोदी की मां ने प्रधानमंत्री मोदी को यथार्थ गीता भेंट की थी। यथार्थ गीता में ओम्, राम अथवा शिव का जप, एक ईश्वर की आराधना, सद्गुरु का ध्यान व सेवा आदि का विधान है जिसका पालन कर रत्नाकर वाल्मीकि हो गये अंगुलिमाल अरिहंत हो गये और अनगिनत ऋषियों महर्षियों के जीवन का कायाकल्प हो गया। पूज्य गुरुदेव भगवान कहते हैं कि यथार्थ गीता की आवृत्ति चार बार करें और गीतोक्त साधना करें जन्म जन्मांतर की यात्रा से मुक्त हो जाओगे।

NM News live
Author: NM News live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *