आखिर क्यूं लग रहें ऐसे नारे संजय टोलियां हटाओ जनजाति बताओ ?
प्रमुख सम्पादक देवेन्द्र राय
आखिर जनजातीय आवासीय एकलव्य विद्यालय के अभिवावक क्यूं उत्तराखंड के एक अधिकारी संजय टोलियां को लेकर विगत कहीं समय से आक्रोशित हैं हाल ही का मामला जनजातीय आवासीय विद्यालय एकलव्य कालसी का है और आपको नारेबाजी करते अभिवावक हैं आखिर क्यों एक अधिकारी को लेकर कुछ समय से अभिवावक संघ में नाराजगी है वह चाहे पूर्व में एकलव्य विद्यालय से पूर्व में
प्रधानाचार्य को बिना कारण के विद्यालय से हटाने का मामला हो हालांकि उस समय भी अभिवावक संघ और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से अधिकारी को पीछे हटना पड़ा था और उस समय पुनः प्रधानाचार्य को बहाल करना पड़ा था लेकिन उसके बाद फिर से एकलव्य विद्यालय कालसी चर्चा में आ गया है यहां कहीं वर्षों से सेवा दे रहे अध्यापकों को हटा दिया गया जिनका मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में गतिमान है कहीं वर्षों से जनजातीय आवासीय विद्यालय कालसी शिक्षा से लेकर खेल-कूद और सांस्कृतिक हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका देश के एकलव्य जनजातीय आवासीय विद्यालय में निभा रहा है लेकिन ऐसा लगता हैं की शासन में बैठे कुछ अधिकारी इस विद्यालय पर ढेंडी नजर गढ़ाए हुए हैं अभिवावकों का सीधा आरोप हैं कि शासन में बैठे संजय
टोलियां लगातार एकलव्य विद्यालय की व्यवस्था में हस्तक्षेप कर रहे हैं चाहे वह पूर्व में प्रधानाचार्य को हटाने को लेकर विवाद हो या वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को हटाये जाने को लेकर विवाद हो अभिवावकों का आरोप यह भी है की सरकार ने नियुक्त शिक्षक बहुत कम विद्यालय में भेजे हैं और जो पूर्व में अनुभवी शिक्षक थे जिनके पढ़ायें गये बच्चे आज अच्छी जगह पंहुच रहें हैं उनके अनुभव को नजरंदाज कर उन्हें विद्यालय से बाहर कर दिया अभिवावकों ने आरोप लगाया की वर्तमान में भी नियमित शिक्षक नाममात्र हैं बाकि संविदा के आधार पर भेजे गयें है अभिवावकों का आरोप यह भी है की अगर सरकार को संविदा के आधार पर ही शिक्षक भेजने थे तो पूर्व में इतने वर्षों का अनुभव रखनें वाले शिक्षकों को बाहर क्यूं करा आज अभिवावक संघ और विधालय से
बाहर किए गये शिक्षकों के समर्थन में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि कालसी के ब्लॉक प्रमुख श्री मठोर सिंह ज्येष्ठ प्रमुख श्री भीभ सिंह कनिष्ठ प्रमुख श्री रितेश असवाल भी आये उन्होंने अभिवावकों और धरने पर बैठे शिक्षकों को भरोसा दिलाया है की वह विद्यालय की अच्छी व्यवस्था और बाहर किए गये शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर सरकार और शासन में बात कर जल्द समाधान करायेंगे लेकिन उत्तराखंड का एक अधिकारी का नाम आप नारेबाजी में भी सुन रहे होंगे टोलियां इस समय जनजातीय आवासीय एकलव्य विद्यालय कालसी अभिवावक संघ के निशाने पर हैं संघ का आरोप सीधा टोलियां पर है अभिवावकों का कहना है की टोलियां स्कूल को एटीएस विद्यालय को श्रेणी में लाना चाहते हैं उनकी हठधर्मिता कहीं समय से बार-बार विद्यालय की व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप करना यह दर्शाता है की सरकार और अधिकारी नहीं चाहते की जनजातीय विधालय में अच्छी शिक्षा हो
अच्छी व्यवस्था हो या जनजातीय क्षेत्र के बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण करके आगे बढ़े अभिवावक संघ ने सरकार से मांग की है की संजय टोलियां को तत्काल पद से हटाया जाये ताकि विद्यालय में बेवजह का हस्तक्षेप कम हो और बाहर किए गये शिक्षकों को तत्काल वापिस सरकार सेवा में रखें अभिवावकों का कहना है की जब-तक सरकार पुरी व्यवस्था स्कूल में उपलब्ध नहीं करवाती तब-तक वह अपने बच्चों को लेकर विद्यालय नहीं जायेंगे अभिवावकों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने 10 जुलाई तक का समय सरकार को दिया है की वह इसका समाधान करें और बार-बार इस तरह की समस्या उत्पन्न करने वाले संजय टोलियां को पद से हटाया जाये ताकि स्कूल में इस तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो क्योंकि इससे बच्चों की पढाई पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है आखिर संजय टोलियां को लेकर क्यूं है अभिवावकों में इतनी नाराजगी क्यूं राजनीति की भेंट चढ़ रहा जनजातीय आवासीय एकलव्य विद्यालय कालसी क्या संजय टोलियां कर रहे विद्यालय में बार-बार हस्तक्षेप आखिर जनजातीय
क्षेत्र को वरदान स्वरूप मिला एकलव्य आवासीय विद्यालय कालसी की व्यवस्था क्यूं अधिकारी सुधारने की जगह खराब करने में लगे हैं जिससे बच्चों की पढाई पर भी बुरा असर पड रहा है सरकार को इसका समाधान करना चाहिए अभिवावकों ने जल्द समाधान न करने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है क्योंकि वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं वह विद्यालय में पूर्व की तरह अच्छी व्यवस्था चाहते हैं।






