मिर्जापुर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
नवरात्र में यथार्थ गीता का पाठ, शक्तिषगढ़ से पहुंचा संत समाज
पूज्य गुरुदेव भगवान की अमृत वाणी में व्याख्यायित मोह रात्रि से परमात्मपथ में रत होना ही नवरात्र है। देश में बड़े धूमधाम से नवरात्र का पर्व मनाया जा रहा है इस अवसर पर यथार्थ गीता पाठ के माध्यम से पूज्य गुरुदेव भगवान की अमृत वाणी का प्रचार – प्रसार हो रहा है इसी क्रम में मिर्जापुर जनपद के चुनार स्थित कुसुम्ही में दीनदयाल यादव के घर यथार्थ गीता पाठ का आयोजन किया गया। जहां पर भंडारे का आयोजन भी किया गया और संत महात्माओं का प्रवचन सत्संग भी हुआ। पूज्य गुरुदेव भगवान के आदेश से शक्तिषगढ़ से संतों का पदार्पण हुआ जिसमें पूज्य श्री लाले महाराज, पूज्य श्री आनंद महाराज, पूज्य श्री अखिलेश महाराज, पूज्य श्री चंदर महाराज, पूज्य श्री सियाराम महाराज पूज्य श्री पहलवान महाराज, पूज्य श्री तिवारी महाराज पूज्य श्री लालजी महाराज आदि सत्यान्वेशी संत उपस्थित रहे। महात्माओं में श्री अखिलेश महाराज और तिवारी महाराज भजन सुना कर भक्तों को मंत्रमुग्ध किये और श्री लाले महाराज जी का घंटों सत्संग की अमृतमयी वाणी चलती रही जिनकी पवित्र वाणी से आशीर्वचन प्राप्त किए। और पूज्य गुरुदेव भगवान के जयघोष का नारा लगाते रहे । पूज्य श्री लाले महाराज जी ने प्रवचन सत्संग के माध्यम से भारी भीड़ के बीच पूज्य गुरुदेव भगवान की विद्या को बताया। उन्होंने यथार्थ गीता में वर्णित एक ईश्वरीय आराधना, ओम् जप, सद्गुरु का ध्यान व सेवा, ओम जप की विधि पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सद्गुरु भगवान समय के महापुरुष हैं कालजयी परमहंस है और यथार्थ गीता उन्होंने जो लिखा है वह भगवान के आदेश से लिखा है यह पूर्ण रूपेण परमात्मा का शास्वत व्याख्या है जिसकी चार छः आवृत्ति करने से मन मस्तिष्क के कपाट खुल जायेंगे । और समाज में फैली धर्म के नाम पर कुरीतियों भ्रांतियों से मुक्ति मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि संसार जो धर्म के नाम पर लड़ रहा है जिस दिन यथार्थ गीता से उसका पाला पड़ेगा उस दिन से धर्म के नाम पर लड़ना बंद कर देगा।






