उत्तरकाशी
रिपोर्ट कीर्ति निधि सजवाण
उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों से लोकतंत्र की एक बेहद खूबसूरत और सांस्कृतिक तस्वीर सामने आई है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत जनपद के सीमांत क्षेत्र स्थित बरी गांव में जब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने पहुंचे, तो ग्रामीणों का उत्साह देखने लायक था। निर्वाचन आयोग की इस जमीनी मुहिम का स्वागत ग्रामीणों ने बेहद अनोखे और पारंपरिक अंदाज में किया।
मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित और अपडेटेड बनाने के इस अभियान को खास बनाने के लिए बरी गांव के नागरिकों ने अपनी समृद्ध लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पारंपरिक ‘ताँदी’ और ‘हारुल’ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। पहाड़ों में गूंजते पारंपरिक संगीत की थाप और थिरकते कदमों के बीच ग्रामीणों ने न केवल भारत निर्वाचन आयोग का धन्यवाद ज्ञापित किया, बल्कि पूरे सीमांत क्षेत्र में मतदाता जागरूकता का एक अनुकरणीय संदेश भी दिया।
7 जुलाई तक घर-घर जाएंगे अधिकारी
निर्वाचन आयोग की इस विशेष मुहिम के तहत बीएलओ आगामी 7 जुलाई तक क्षेत्र के प्रत्येक घर का व्यक्तिगत दौरा करेंगे। इस दौरान वे सभी ग्रामीणों को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें मौके पर ही भरकर वापस भी प्राप्त करेंगे। सीमांत वासियों ने आयोग की इस घर-द्वार वाली पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या संशोधन कराने में बुजुर्गों और युवाओं को काफी सहूलियत होगी।
डीएम ने की सहयोग की अपील
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य ने जनपद के सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया है। उन्होंने अपील की है कि 7 जुलाई तक चलने वाले इस पुनरीक्षण कार्यक्रम में सभी लोग बीएलओ का पूरा सहयोग करें, सही जानकारी उपलब्ध कराएं और समय सीमा के भीतर अपने प्रपत्र भरकर अनिवार्य रूप से जमा करवाएं ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।






