आरटीई का दायरा इंटरमीडिएट तक बढ़ाने की मांग, मोर्चा ने शासन में दी दस्तक
देहरादून | सम्पादक देवेन्द्र सिंह राय
देहरादून में शिक्षा के अधिकार को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात कर आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के दायरे को बढ़ाने की मांग उठाई।
नेगी ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के तहत केवल कक्षा 8 तक ही निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है, जो आज के समय में तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस दायरे को बढ़ाकर इंटरमीडिएट (कक्षा 12) तक किया जाए, ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर 35 से 40 प्रतिशत किए जाने की भी मांग की। उनका कहना है कि मौजूदा कोटा जरूरत के मुकाबले काफी कम है।
नेगी ने कहा कि आठवीं कक्षा तक तो गरीब छात्रों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा मिल जाती है, लेकिन इसके बाद उन्हें या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ती है या फिर सरकारी स्कूलों का रुख करना पड़ता है, जहां शिक्षा की गुणवत्ता में काफी अंतर देखने को मिलता है। इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इन छात्रों की शिक्षा पर निवेश करती है, तो इससे देश की दिशा और दशा दोनों में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में प्रवीण शर्मा पिन्नी भी मौजूद रहे।





