मिर्जापुर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज का सांसद धर्मेन्द्र यादव ने सपरिवार लिया आशीर्वाद
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के भाई व आजमगढ़ के सपा सांसद धर्मेन्द्र यादव ने आज सपरिवार विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी धर्म शास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता समय के तत्व द्रष्टा महापुरुष अनंत विभूषित करूणा निधान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज का दर्शन-पूजन कर उनका आशीर्वाद लिये। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान का दर्शन कर पूरा परिवार कृतार्थ हो गया। मोक्षदायिनी ज्ञान गंगा केंद्र श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ आकर सांसद अक्सर पूज्य श्री श्री का आशीर्वाद समय-समय पर लेते रहते हैं। पूज्य श्री ने उनको और उनके सपरिवार को यथार्थ गीता में बताएं मार्गं पर चलने व गीतोक्त साधना के अनुपालन पर बल दिया। उन्होंने बताया कि ओम जप और सद्गुरु का ध्यान करना चाहिए सुबह-शाम बीस मिनट आधा घंटा समय अवश्य निकाल कर ईश्वरीय याद में रहना चाहिए। तीन से चार महीना जैसे ही ओम जप और सद्गुरु का ध्यान किये तो ऐसा लगेगा कि कोई शक्ति हमारा मार्गदर्शन कर रही है, कोई आगे पीछे हमारा मदद कर रहा है । पूज्य श्री गुरुदेव भगवान बताएं कि इसी को कहते हैं सद्गुरु भगवान का हृदय से रथी होकर मार्गदर्शन करना। जब सद्गुरु भगवान हृदय से रथी होकर मार्गदर्शन करने लगें तो जो – वे बतावें अक्षरशः पालन करना चाहिए उनके आदेश में यंत्रवत चलना ही भजन है। उनके आदेश का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान एलानिया ये कहते हैं कि सद्गुरु दरबार भगवान का दरबार होता है और सद्गुरु भव सागर से पार करा देने वाले खेवनहार होते हैं। संसार को मुक्त होना है तो निष्कपट भाव से सद्गुरु के शरण में आ जाना चाहिए। यही बात बुद्ध ने कहा कि मुक्त होना हो तो बुद्धं शरणं गच्छामि का परिपालन करें। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा कि संसार से मुक्त होना हो तो सारे धर्मों को छोड़ एकमात्र मेरी शरण आ। मैं तुम्हें संपूर्ण पापों से मुक्त कर दूंगा। सर्वधर्मान् परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुच:।। पूज्य श्री आजकल मोक्षदायिनी ज्ञान गंगा केंद्र श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ में विराजमान हैं। संसार के सारे भक्तों का परम सौभाग्य है कि गुरु पूर्णिमा में पूज्य श्री का दर्शन पर्सन शरण सानिध्य उपदेश और आशीर्वाद मिलेगा । अपने आपको तपाकर संसार के कल्याणार्थ ईश्वरीय वरदान को मुफ्त में बांट रहे पूज्य श्री गुरुदेव भगवान को कोटि-कोटि नमन।






