अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ में 3 दिसंबर को दूरदर्शन कलाकार मुकेश “मधुर” व गायक छोटेलाल अपनी कला का करेंगे प्रदर्शन।
अब तक कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं विश्व प्रसिद्ध वासुरी वादक मुकेश प्रजापति “मधुर”
आस्था चैनल के पुराने कलाकार भजन गायक छोटेलाल “मृदुल” भी अपनी कला का करेंगे प्रदर्शन।
कृष्ण की बांसुरी नहीं होती,
राधा यूं बावरी नहीं होती!
तुम न होते अगर महफ़िल में,
हमशे शायरी नहीं होती!

देश -विदेश की शख्सियतों में सुमार अम्बेडकर नगर की शख्सियत सुप्रसिद्ध वासुरी वादक आकाशवाणी दूरदर्शन कलाकार मुकेश प्रजापति “मधुर” श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ में पहुंच कर अपनी मीठी-मीठी सुरीली वासुरी वादन से विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित मानव मात्र का एकमात्र कालजयी धर्म शास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज को रिझाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। उनके साथ जाने – माने भजन गायक आस्था चैनल के पुराने कलाकार छोटेलाल “मृदुल” भी पूज्य गुरुदेव भगवान को रिझाकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। ज्ञातव्य हो कि मुकेश “मधुर” 14/15 दिसम्बर 2024 को कोलकाता में वेंणु निनाद भूषण सम्मान से सम्मानित किए जाएंगे। उनको यह सम्मान भोजपुरी साहित्य विकास मंच एवं प्रगति शोध फाउंडेशन कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में रवीन्द्र भवन कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में दिया जाएगा। इस विशाल व भव्य सम्मान
समारोह के मंच पर देश के तमाम राज्यों से लेकर विदेशों तक के कला, संगीत, साहित्य, के शब्द साधक और कलाकार, साहित्यकार और शोधकर्ता शामिल हो रहे हैं। जिसमें दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद, सम्मान समारोह एवं पुस्तक विमोचन का आयोजन किया जा रहा है जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर विमलेश त्रिपाठी, राष्ट्रीय महासचिव – प्रकाश प्रियांशु, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक मंडल- विजय किशोर पांडे (नेपाल), मनीषा पाठक (अमेरिका), विवेक मणि त्रिपाठी (चीन), आदि देश विदेश की हस्तियां सम्मिलित रहेंगी। दूरदर्शन कलाकार मुकेश प्रजापति “मधुर” ने वार्ता के दौरान बताये कि कोलकाता सम्मान समारोह के पूर्व मैं साक्षात परब्रह्म परमात्मा पूज्य गुरुदेव भगवान का दर्शन और आशीर्वाद लेना चाहता हूं और उनकी चरणों की सेवा अपनी वासुरी वादन कला से करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि देश- विदेश के मंच से मैंने अपनी वासुरी वादन कला का तो प्रदर्शन बहुत किया है परन्तु मोक्षदायिनी ज्ञान- गंगा केंद्र श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ में पूज्य गुरुदेव भगवान के विराट आध्यात्मिक आभा के तत्वावधान में भी मैं अपनी कला का प्रदर्शन कर उनके चरणों में अपनी सेवा देना चाहता हूं।
ज्ञातव्य हो कि पूज्य गुरुदेव भगवान की सेवा में जाने- माने फिल्म इंडस्ट्री कलाकार से लेकर, भोजपुरी कलाकार, बिरहा गायक, भजन गायक, आदि कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर अपनी सेवा दे चुके हैं । अब तीन दिसम्बर को विश्व प्रसिद्ध वासुरी वादक मुकेश प्रजापति “मधुर” भी अपनी वासुरी वादन कला का प्रदर्शन कर गीतोक्त साधना की क्रियात्मक सीढ़ी को नमन करते हुए परमात्मपथ पर दो कदम चलने का प्रयास करेंगे। आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि इस सृष्टि के संचालक ब्रम्हांड के आला हाकिम पूज्य गुरुदेव भगवान इस श्रेष्ठ कलाकार को अपना आशीर्वाद देकर इसके लौकिक और पारलौकिक जीवन को सुखमय बनायेंगे और अपने ईश्वरीय ज्ञान पुंज से इस कलाकार की कला को सिंचित कर उसमें और धार देकर उसे अनुग्रहित करेंगे। भजन गायक छोटेलाल “मृदुल” मोक्षदायिनी ज्ञान- गंगा केंद्र में कई बार भजन गाकर पूज्य गुरुदेव भगवान को प्रसन्न करने का काम किए हैं लेकिन मुकेश प्रजापति “मधुर” के साथ वे पहली बार नजर आयेंगे।






