अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
श्री परमहंस आश्रम भुजगी में मनाई गई नया महाराज जी की पुण्यतिथि

विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी धर्म-शास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता समय के तत्व द्रष्टा महापुरुष अनंत विभूषित करुणा निधान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी के कृपापात्र शिष्य व पूज्य श्री गुरुदेव भगवान के चरणों में स्थान पा चुके नवीनानंद जी महाराज उर्फ नया महाराज की आज श्री परमहंस आश्रम भुजगी में पुण्यतिथि बड़े ही धूमधाम से मनायी गयी। आज ही के दिन 14 अगस्त 2019 को पूज्य श्री गुरुदेव भगवान के चरणों में उन्होंने स्थान प्राप्त किया था। यहां के संत श्री राजेशानंद जी महाराज के तत्वावधान में भक्तगण बड़े ही धूम-धाम से उनकी पुण्यतिथि मनाये। इस शुभ अवसर पर भजन संकीर्तन सत्संग व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर श्री परमहंस आश्रम फत्तेपुर से पधारे श्री कमलेश महाराज जी ने सत्संग प्रवचन के माध्यम से लोगों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने बताया कि गृहस्थ जीवन में रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए समय निकाल कर भगवान को सुबह-शाम याद करें। ओम अथवा राम को जपें और सद्गुरु भगवान को ध्यान करें। दो से तीन महीने ऐसा करने से भगवान आपके हृदय से रथी होकर आपका मार्गदर्शन करने लगेंगे। उन्होंने बताया कि विस्तार से जानकारी के लिए यथार्थ गीता को पढ़ें। यथार्थ गीता को चार बार पढ़ने से हृदय के अंदर उठ रहे सारे शंकाओं का समाधान हो जाता है। श्री राजेशानंद जी महाराज ने भजन सुनाकर लोगों को यथार्थ गीता के मार्ग पर प्रशस्त करने के लिए प्रेरित किया । उन्होंने कहा कि भगवान के लिए हृदय में तड़प होनी चाहिए। जब हृदय में तड़प रहेगी तो भगवान अवश्य मिलेंगे।






