National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

March 23, 2026 8:20 am

National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

Follow Us

March 23, 2026 8:20 am

श्री परमहंस आश्रम भगवासपुर के वार्षिक भंडारे में पहुंचे शक्तिषगढ़ से संत

भदोही ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”

श्री परमहंस आश्रम भगवासपुर के वार्षिक भंडारे में पहुंचे शक्तिषगढ़ से संत

पूज्य श्री के कृपापात्र शिष्य श्री नारद महाराज श्री लाले महाराज भी किये सत्संग

विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी धर्म-शास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता समय के तत्व द्रष्टा महापुरुष अनंत विभूषित करुणा निधान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी के कृपापात्र शिष्य श्री नारद महाराज जी, श्री लाले महाराज जी, श्री सुरेन्द्र महाराज जी, श्री वरिष्ठानंद महाराज जी, श्री विनोदानंद जी महाराज, श्री डुबकी महाराज जी, श्री विनोदानंद जी महाराज श्री महोबा जी महाराज , श्री किसमिस महाराज जी आदि संतों ने श्री परमहंस आश्रम भगवासपुर में पहुंच कर वहां के कृपापात्र शिष्य श्री पहलवान महाराज जी व भक्तों को कृतार्थ किये। श्री नारद महाराज जी ने बताया कि पूज्य श्री गुरुदेव भगवान द्वारा रचित यथार्थ गीता संसार के हर मानवमात्र के हाथ में होना चाहिए। इसको कम से कम चार बार विधिवत पढ़ना चाहिए। यथार्थ गीता से ही संसार को एकसूत्र में बांधा जा सकता है क्योंकि कि इसका हर एक अक्षर हर एक शब्द व वाक्य ईश्वरीय वाणी है। श्री लाले जी महाराज ने बताया कि जीव का उद्धार कैसे होगा? जीव परवश कैसे है? माया के वशीभूत जीव का उद्धार सद्गुरु के ही शरण- सानिध्य से होगा । उन्होंने बताया कि *परवश जीव स्ववश भगवन्ता। जीव अनेक एक ते संता।।* ये जीव परवश है माया के अधीन है लेकिन भगवान स्वतन्त्र होते हैं भगवान एक है जीव अनेक हैं अनंत जीव है लेकिन इस जीव का उद्धार तभी हो सकता है कि जब बार-बार जन्मने मरने वाली वृत्ति से छुटकारा पाने के लिए एक ईश्वर की आराधना और सद्गुरु की शरण सानिध्य में रहकर भजन किया जाए। ज्यों- ज्यों भजन करते जाएंगे सद्गुरु का चिंतन मनन करते जाएंगे त्यों- त्यों अंतःकरण में दैवीय संपद का अर्जन होता जाएगा पुण्य पुरुषार्थ बढ़ता जाएगा तो जहां पुण्य की पूजी बढी वहीं भगवान एक ईश्वरीय चिंतन में लगा देंगे और एक न एक दिन वह आत्मस्थिति में विलीन हो जाएगा। वरिषठानंद जी महाराज ने बताया कि *अवधू जीवत में कर आशा । मुए मुक्ति सो कहे स्वार्थी झूठा दे विश्वासा।।* मनुष्य की जो संसार में आशक्ति बनी हुई है संसार के लोगों संसार के भोगों में नाना प्रकार के पूजा पद्धतियों में देवी-देवताओं में उन सभी आसक्तियों का त्याग तभी हो सकता है कि जब हम एक नाम ओम अथवा राम का जप करेंगे , पूज्य श्री गुरुदेव भगवान के स्वरूप का ध्यान करेंगे । ऐसा करते रहने से आसक्ति का शमन हो जाएगा। धीरे-धीरे परमात्मा के परिधि में पहुंचकर उनके चरणों का दिग्दर्शन हो जाएगा। उन्होंने भदोही जिले के भक्तों को साभार व्यक्त किया । पूज्य श्री गुरुदेव भगवान के चरणों में उनकी श्रद्धा सेवा और समर्पण के लिए उन्हें साधुवाद दिया । और हिदायत दिया कि इसी समर्पण के साथ आप लोग आगे बढ़ते रहें। श्री विनोदानंद जी महाराज ने कहा के *सत्य वस्तु है आत्मा मिथ्या जगत पसार। नित्या नित्य विवेकिया लीजै बात विचार।।* परमात्मा/ आत्मा के अतरिक्त संसार की सारी चीजें मिथ्या है। एक परमात्मा को विदित करने के लिए सद्गुरु के शरण में रहकर एक परमात्मा का ही चिंतन करना चाहिए। श्री किसमिस महाराज जी ने भजन सुनाकर भक्तों में संगीत मय राग रागिनी के माध्यम से एकमात्र परमात्मा की भक्ति का बीजारोपण किया। इस शुभ अवसर पर आश्रम के संत श्री पहलवान महाराज जी ने शक्तिषगढ़ से आये सभी संतों को साभार व्यक्त किए और उन्हें साधुवाद सधन्यवाद ज्ञापित किये। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।इस विशाल भंडारे पर सभी को गीतोक्त साधना पर चलने के लिए प्रेरित किया गया

NM News live
Author: NM News live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *