National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

March 23, 2026 6:35 am

National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

Follow Us

March 23, 2026 6:35 am

श्रद्धा से नाम जपो भगवान कहीं भी रहेंगे आ जाएंगे — स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज 

शक्तिषगढ़ ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”

 

श्रद्धा से नाम जपो भगवान कहीं भी रहेंगे आ जाएंगे — स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज 

विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी धर्म-शास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता समय के तत्व द्रष्टा महापुरुष अनंत विभूषित करुणा निधान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने आज अपने उद्बोधन में हजारों श्रद्धालुओं भक्तों संत महात्माओं को बताये कि श्रद्धा से ओम् राम अथवा शिव को जपो भगवान कहीं भी रहेंगे दौड़कर तुम्हारे पास आ जाएंगे। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान का यह तकिया कलाम वाणी है कि भगवान कहीं दूर नहीं रहते कि उनसे मिलने के लिए ट्रेन बस हवाई जहाज करना पड़ता है। भगवान सबके हृदय में रहते हैं, मन- मस्तिष्क में रहते हैं उनसे मिलने के लिए उनसे नेटवर्क स्थापित करने के लिए गीतोक्त साधना के मार्ग पर चलने की जरूरत है जो ईश्वरीय वाणी यथार्थ गीता में विस्तार से बताया गया है। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान ने बताया कि भगवान को प्रकट करने के लिए श्रद्धा भाव से ओम राम अथवा शिव में किसी भी एक नाम को जपना चाहिए और सद्गुरु भगवान को हृदय से पकड़ना चाहिए। नियमपूर्वक दो से चार महीने ऐसा करने से भगवान हृदय से प्रकट हो कर, रथी होकर मार्गदर्शन करने लगेंगे, उठायेंगे , बैठायेंगे, सोवायेंगे जगाएंगे हर पल आपके आगे-पीछे रहकर आपको संभालेंगे। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान बताते हैं कि भगवान अंगुली पकड़कर चलाने लगते हैं गिरने पर उठा लेते हैं। बस जरूरत है केवल श्रद्धा -भाव की । ज्यों- ज्यों श्रद्धा- भाव से उन्हें पुकारा गया त्यों-त्यों वो आपके हर हरकत को देखते रहेंगे , सुनते रहेंगे। भगवान बहरे नहीं है *’चींटी के पग घूघुर बाजे वो भी साहब सुनता है’*। उनका भक्त दुनिया के किसी भी कोने में पुकारेगा तो वे तुरंत प्रकट हो जाएंगे। राजमहल में भक्त प्रह्लाद और द्रोपदी ने चीरहरण में श्रद्धा भाव से पुकारा भगवान वहां भी प्रकट हो गए, हाथियों के राजा गजराज पर मगरमच्छ द्वारा जब जानलेवा हमला हुआ तो उन्होंने भगवान को नदी में पुकारा, घनघोर वन प्रांत को राक्षसों से मुक्त कर बाधित हो रहे ऋषि-मुनियों की तपस्या को संरक्षण देकर भगवान राम ने पूरे जंगल को भयमुक्त कर दिया। तो कहने का अर्थ है कि भक्त जल-थल-नभ कहीं भी कष्टित है तो जरूरत है केवल श्रद्धा भाव की। इस शुभ अवसर पर अपनी कला की प्रस्तुति कर मोहन यादव चित्रकूट, मुंबई के जाने-माने कलाकार पंकज, एक सिपाही का नौजवान, व संजीव कुमार पांडेय ने अपनी कला से रिझाकर अपनी सेवा को अर्पित किए।

NM News live
Author: NM News live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *