विजयादशमी पर्व पर आर्य समाज मंदिर में हुआ विशेष यज्ञ; विद्वानों ने वाल्मीकि रामायण के आधार पर दूर कीं सामाजिक भ्रांतियां
विकासनगर, 20 अक्टूबर 2026: आर्य समाज मंदिर में आज विजयादशमी (दशहरे) के पावन पर्व पर एक विशेष यज्ञ और वैदिक विचार गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जहां एक ओर अथर्ववेद की सूक्तियों के माध्यम से ईश्वर से आत्मिक, शारीरिक और सामाजिक बल की प्रार्थना की गई, वहीं दूसरी ओर समाज में फैली पौराणिक भ्रांतियों का खंडन करते हुए महर्षि वाल्मीकि रचित मूल रामायण के वास्तविक तथ्यों को जनमानस के सामने रखा गया।
कार्यक्रम में मुख्य पुरोहित पंडित चंदन शास्त्री ने विधि-विधान से विशेष यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ की आहुतियों के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने विजयादशमी पर्व के वास्तविक और ऐतिहासिक महत्व को विस्तार से समझाया।
वाल्मीकि रामायण का वास्तविक संदर्भ और भ्रांतियों का खंडन:
पंडित चंदन शास्त्री और उपस्थित विद्वानों ने स्पष्ट किया कि समाज में यह भ्रांति फैली हुई है कि आज ही के दिन श्रीराम ने रावण का वध किया था, जबकि मूल वाल्मीकि रामायण में इसका कहीं भी ऐसा वर्णन नहीं मिलता है। इतिहास के वास्तविक घटनाक्रम के अनुसार, विजयादशमी के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम माता जानकी (सीता जी) की खोज के लिए आगे अग्रसर हुए थे। इसी दिन उन्होंने महाबली हनुमान जी और सुग्रीव की सहायता से माता सीता को चारों दिशाओं में खोजने का विशाल कार्य प्रारंभ किया था।
वक्ताओं ने बताया कि श्रीराम जी के समय में भी विजयादशमी का पर्व एक गौरवशाली परंपरा के रूप में मनाया जाता था। उस काल में इस दिन आत्मिक, शारीरिक और सामाजिक स्तर पर बलवान बनने तथा शक्ति प्राप्त करने के लिए विशेष यज्ञों का आयोजन किया जाता था। यह पर्व अनाचरण पर सदाचरण, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का शाश्वत प्रतीक है।
अथर्ववेद की सूक्तियों से आत्मिक व शारीरिक बल की प्रार्थना:
यज्ञ के दौरान अथर्ववेद की ऋचाओं का पाठ करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की गई कि— “हे ईश्वर! हमें ऐसा आत्मिक बल दे जिससे हम आध्यात्मिक उन्नति कर सकें। हमें ऐसा शारीरिक बल दे जिससे हम इस शरीर रूपी दुर्ग (किले) की रक्षा कर सकें, और हमें वह सामाजिक बल व पराक्रम दे जिससे हम अपने घर, देश और समाज की रक्षा करने में समर्थ हो सकें।”
वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति:
इस भव्य धार्मिक एवं वैचारिक आयोजन में आर्य समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी हरिकिशोर महेंद्रू, प्रधान नरेन्द्र वर्मा, मंत्री विवेक कुमार, Shrimati विजया वर्मा, रमन डांग, तजिन्दर धीमान, जितेन्द्र कौशिक, विजेन्द्र Saini, प्रवीण अग्रवाल तथा पुष्पा चुग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष तौर पर ‘आर्य उप प्रतिनिधि सभा’ की जिला प्रधाना श्रीमती सोनिका वालिया ने भी शिरकत की और वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार पर ब






