शक्तिषगढ़ ब्यूरो वरिष्ठ पत्रकार एवं चिंतक बांकेलाल निषाद “प्रणव” की रिपोर्ट
परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के कृपापात्र शिष्यों ने बताया होलिका का शास्वत आध्यात्मिक महत्व
आज श्री परमहंस आश्रम शक्तिषगढ़ में विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी धर्म शास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता अनंत विभूषित श्री श्री 1008 श्री,समय के तत्व द्रष्टा महापुरुष परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज का दर्शन-पूजन हुआ। उनके कृपा पात्र शिष्य गणों में पूज्य नारद महाराज जी, पूज्य तानसेन महाराज जी, पूज्य लाले महाराज जी, पूज्य सोहम महाराज जी, पूज्य वरिष्ठानंद महाराज जी,
पूज्य दीपक महाराज जी, पूज्य संतोष महाराज जी आदि सत्यान्वेषियो ने विस्तार से होलिका दहन की आध्यात्मिक व्याख्या की। पूज्य गिरिजा नंद महाराज जी ने बताया कि होलिका एक दृष्टांत मात्र है । भक्त प्रह्लाद होलिका कयाधू हिरण्याक्ष हिरण्यकशिपु इत्यादि यौगिक हैं। जिनका समाधान पूज्य श्री स्वामी जी जैसे सद्गुरु के मिलने के बाद होता है।






