अम्बेडकर नगर ब्यूरो मनोज तिवारी
न्याय की आश में लहूलुहान शशिलता मिश्रा, एफआईआर, डीएम से गुहार ।

जनपद अम्बेडकर नगर के तहसील जलालपुर थाना जैतपुर अंतर्गत पर्वत पुर ग्राम सभा की रहने वाली शशिलता मिश्रा अपने दो बच्चों और नयी नवेली बहू के साथ जलालपुर में विगत कई वर्षों से किराए के मकान में रह रही है। न्याय के इस अंतिम आश में कि कभी उसे न्याय अवश्य मिलेगा, उसे उसका हक- हिस्सा मिलेगा, उसे उसके हक का मकान मिलेगा,रास्ता मिलेगा और वह अपने पति बच्चों और बहू के साथ एक दिन अवश्य गांव में रह पायेगी। लेकिन आज तक जलालपुर तहसील की न्यायिक मजिस्ट्रेट की कुर्सियां भी उसे न्याय नहीं दिला सकी । चप्पल घिस गये उसके, उसके बुजुर्ग पति को विगत वर्ष बस में घुसकर विपक्षी सरोजा व उसकी लड़कियों ने अपने गुर्गों से पिटवाया था। उन पर फर्जी मुकदमा लाद दिया गया था। विपक्षी सरोजा पत्नी राम प्रकाश के इन्हीं दमनकारी हरकतों के कहर ने पीड़िता शशिलता मिश्रा को फिर से चोटिल कर दिया। 21 जून को 65 वर्षीय शशिलता अपने गांव पर्वतपुर गयी हुई थी। पहले से घात लगाए बैठे विपक्षी सरोजा, श्याम प्रकाश पुत्र स्वर्गीय हीरा मणि मिश्रा, सत्यम पुत्र स्वर्गीय राम प्रकाश मिश्रा, व एक बाहरी बदमाश कृष्ण बिहारी पुत्र स्वर्गीय राम सहाय निवासी ग्राम हैदराबाद जगेसिया थाना कटका जनपद अम्बेडकर शशिलता पर जान लेवा हमला कर दिया जिसमें त्वरित कार्रवाई करते हुए जैतपुर थानाध्यक्ष ने मुकदमा अपराध संख्या 0115/25′ धारा 115(2), 352, 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इन विपक्षियों के हमलों से बुजुर्ग पीड़िता शशिलता मिश्रा का हाथ टूट गया है। उसने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई । जिलाधिकारी जलालपुर संबंधित अधिकारियों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । बुजुर्ग पीड़िता जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के जद्दोजहद से जूझ रही है। उसका एक लड़का रोजी-रोटी की तलाश में बाहर रह रहा है और दूसरा लड़का जलालपुर में ही कोचिंग पढ़ाकर अपने बुजुर्ग मां बाप को पाल रहा है और उसकी नयी नवेली बहू अपने पति और सास ससुर से दूर मायके में रह रही है। इन सब विकट और जटिल परिस्थितियों में पीड़िता चोटिल होकर हास्पिटलाइज है। कई बार सूबे के मुखिया ज़ीरो टालरेंस की दुहाई देते हुए भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई के लिए कह भी चुके हैं लेकिन लगता है सरोजा जैसी महिला भू-माफियाओं पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कानूनी चाबुक परिक्रमा कर वापस चला आता है। पीड़िता लाचार हैरान और परेशान है। फिलहाल पीड़िता को न्याय कब मिलेगा? जिलाधिकारी के कहने का कितना असर होगा? पीड़िता अभी कितने दिनों तक न्याय की आश में किराए के मकान में रहेगी? पर्वतपुर में अपने पति बहू और बेटों के साथ कब रह पायेगी? जलालपुर से कमिश्नरेट दौड़ – दौड़ कर उसका चप्पल कब तक घिसेगा? यह सारे सवाल बुल्डोजर बाबा द्वारा भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।






