अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
दिन में ही वैदिक वांग्मय में शादी संपन्न, राजनैतिक हस्तियों ने भी सराहा
दिन में ही विवाह संपन्न होना हमारी वास्तविक वैदिक विरासत का प्रतिध्वनि है, इसको फालो करें।
जलालपुर से जय अम्बे मैरिज हाल गौसपुर ककरहिया में बारात लगभग दिन में ही 1 बजे पहुंच गयी जहां पर पर वधू महिमा यादव सुपुत्री स्वर्गीय अवधेश यादव निवासी सहिजना हमजापुर सपरिवार रिश्तेदारों ने बारातियों का भव्य स्वागत किया। महिमा यादव जलालपुर में एएनएम के पद पर कार्यरत हैं और वर प्रतीक यादव समाज सेवा जैसे पुनीत कार्य में रत हैं। ग्राम आरिबपुर (आरोपुर) निवासी स्वर्गीय रामजीत यादव के सुपुत्र प्रतीक सिंह यादव का विवाह वैदिक परंपरा के अनुसार दिन के दिव्य वातावरण में दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे के मध्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पवित्र वैदिक मंत्रों की मंगल ध्वनि और मंत्रोच्चार से गूँजती पावन हवाओं ने इस विवाह समारोह में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। सूर्य को साक्षी बनाकर संपन्न हुआ यह वैवाहिक संस्कार भारतीय संस्कृति की उज्जवल विरासत और परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत करता है।
इस शुभ अवसर पर अनेक विशिष्ट जन-प्रतिनिधियों एवं गणमान्य अतिथियों ने उपस्थित होकर वर–वधु को आशीर्वाद प्रदान किया, जिनमें प्रमुख रूप से अंबेडकर नगर के वर्तमान सांसद लाल जी वर्मा, विधान परिषद सदस्य हीरालाल यादव, पूर्व विधायक सुभाष राय, सपा जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव, उपाध्यक्ष अजय दूबे, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष डॉ. अभिषेक सिंह, जिला पंचायत सदस्य, आलोक सिंह यादव, भाजपा महिला मोर्चा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती प्रेमशीला यादव, जिला उपाध्यक्ष केतकी शर्मा, सपा ब्लॉक अध्यक्ष संदीप वर्मा, यादव महासभा के जिलाध्यक्ष शोभाराम यादव आदि गणमान्यों की गरिमामई उपस्थिति दर्ज रही । इन सभी सम्माननीय अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई तथा नवदंपति के सुखमय वैवाहिक जीवन की मंगल कामना की।
यह आयोजन शांतिकुंज हरिद्वार के प्रज्ञा पुत्रों — आचार्य वीरेंद्र प्रसाद यादव ,राम जतन यादव, राधेश्याम चौहान, हौसिला प्रसाद गुप्ता एवं ओमकार मौर्य के मार्गदर्शन में वैदिक रीति–रिवाजों से संपन्न हुआ।
हवन की पवित्र ज्वाला के समक्ष नौ प्रतिज्ञाओं के साथ बंधा यह पावन बंधन आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
संगीत व्यवस्था झांसी से पधारे जयचंद यादव एवं उनकी संगीत टोली द्वारा की गई, जिसने मधुर स्वरों से वातावरण को अनंत आनंद से भर दिया और समारोह में चार चांद लगा दिए।
उल्लेखनीय है कि दिन में वैदिक रीति से संपन्न यह क्षेत्र का दूसरा भव्य वैवाहिक कार्यक्रम था। इससे पूर्व 02 अक्टूबर को राजित राम यादव (सेवानिवृत्त ग्राम विकास अधिकारी) के सुपुत्र असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बृजमोहन यादव का विवाह भी शांतिकुंज हरिद्वार के प्रज्ञा पुत्रों द्वारा इसी प्रकार दिव्य वातावरण में संपन्न कराया गया था।
दिन में सम्पन्न होने वाले ऐसे वैवाहिक संस्कार समाज में सकारात्मक संदेश दे रहे हैं — सादगी, आध्यात्मिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर।
समाज के हर वर्ग ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे एक यादगार ऐतिहासिक क्षण बताया।






